Unauthorized Hospitals Action Mumbai: मुंबई में मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मुंबई के सभी पंजीकृत, संदिग्ध और अवैध दवाखानों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्रसूतिगृह, सोनोग्राफी केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की विशेष जांच की जाएगी। यह विशेष अभियान 10 अगस्त से 10 अक्टूबर 2026 तक दो महीने चलेगा।
मुंबई में जांच के लिए विभाग स्तर पर सक्षम अधिकारियों की विशेष टीमें नियुक्त की गई हैं। विधानसभा के मानसून सत्र में दिए गए आश्वासनों की पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य सेवा आयुक्तालय ने यह अभियान शुरू किया है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और कानूनी स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं या नहीं।
साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा संबंधित कानूनों और नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी भी मौके पर जांच होगी। जांच के दौरान स्वास्थ्य संस्थान का वैध पंजीकरण, नर्सिंग होम अधिनियम, पीसीपीएनडीटी कानून, एमटीपी कानून, एआरटी कानून, जैव-चिकित्सीय कचरा प्रबंधन नियम और अग्निसुरक्षा नियमों की जांच की जाएगी।
इसके अलावा एफडीए लाइसेंस, आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता, दवाओं का स्टॉक, मरीजों के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज, चिकित्सा उपकरण तथा मरीजों की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल होगी
जांच में गंभीर खामियां, अवैध चिकित्सा व्यवसाय, बिना अनुमति स्वास्थ्य सेवाएं, आवश्यक पंजीकरण का अभाव या मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई में अभियान प्रभावी ढंग से चलाने के लिए चिकित्सा और जिला क्षय रोग अधिकारियों के समन्वय से जांच की जाएगी। साप्ताहिक छुट्टियों के दिन भी आवश्यकता के अनुसार उपस्थित रहकर जांच और कार्रवाई की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।