

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड पर शिवसेना ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
विधायक राजेश मोरे ने एकनाथ शिंदे को बदनाम करने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी।
शिवसेना ने मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील की।
Eknath Shinde Controversy: ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या का मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप लेता जा रहा है। इस मामले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को निशाना बनाए जाने का आरोप शिंदे गुट की शिवसेना के पदाधिकारियों ने लगाया है।
इसी मुद्दे पर कल्याण ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मोरे, उपजिला प्रमुख राजेश कदम, मनपा पार्षद और अन्य पदाधिकारियों ने डोंबिवली शहर स्थित शिवसेना शाखा में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एकनाथ शिंदे के समर्थन में अपनी बात रखी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक राजेश मोरे ने कहा कि प्रदीप पूर्णेकर की हत्या की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए। शिवसेना पदाधिकारियों ने भी परिवार को न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा समर्थन देने की बात कही।
राजेश मोरे ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस हत्याकांड को राजनीतिक मुद्दा बनाकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच और राजनीतिक आरोपों को अलग-अलग रखा जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले राजनीतिक आरोपों के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
विधायक राजेश मोरे ने एकनाथ शिंदे के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि वे उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा, 'एकनाथ शिंदे हमारे भगवान समान हैं।' मोरे ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश जारी रही तो शिवसेना कार्यकर्ता इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पार्टी कार्यकर्ता राजनीति में उतरकर जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना पदाधिकारियों ने दोहराया कि प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड की जांच सही दिशा में होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को राजनीतिक विवाद का विषय न बनाया जाए। फिलहाल इस मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।