

Gwalior Telecom Manufacturing Zone: केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मुंबई में ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे देश के पहले Telecom Manufacturing Zone (TMZ) के लिए आयोजित निवेशक सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। सम्मेलन का उद्देश्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निवेश को गति देना तथा भारत में विश्वस्तरीय दूरसंचार विनिर्माण इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में उद्योग जगत की भागीदारी को और मजबूत करना था।
सिंधिया ने बताया कि इस निवेश बैठक में 18 कंपनियों द्वारा ₹2,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं जिनसे लगभग 4000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के सचिव अमित अग्रवाल, मध्य प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, दूरसंचार उद्योग से जुड़े अग्रणी उद्यमी तथा देश-विदेश के निवेशक उपस्थित रहे।
मुंबई में आयोजित इस निवेशक सम्मेलन में उद्योग जगत की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सम्मेलन के दौरान 18 कंपनियों द्वारा ₹2000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 30 जुलाई 2026 को देश के पहले Telecom Manufacturing Zone के शुभारंभ के बाद निवेश की गति को और मजबूती मिली है।
यह नए निवेश प्रस्ताव नई दिल्ली में आयोजित प्रथम निवेशक राउंडटेबल के दौरान प्राप्त ₹3,500 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर आगे बढ़ते हुए कुल ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं जो परियोजना को ₹10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करने के लक्ष्य की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि प्रदान करते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुंबई निवेशक सम्मेलन में अग्रणी दूरसंचार विनिर्माता, प्रौद्योगिकी कंपनियां, कंपोनेंट निर्माता, अवसंरचना प्रदाता सहित वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया। सम्मेलन में भारत के उभरते दूरसंचार विनिर्माण इकोसिस्टम में उपलब्ध निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
विचार-विमर्श का मुख्य केंद्र अनुसंधान एवं विकास (R&D), डिज़ाइन, परीक्षण, नवाचार तथा अत्याधुनिक विनिर्माण क्षमताओं से युक्त एक वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी दूरसंचार विनिर्माण प्रणाली विकसित करना रहा। उल्लेखनीय है कि मुंबई में आए निवेश प्रस्तावों से लगभग 4000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
ग्वालियर में स्थापित किया जा रहा Telecom Manufacturing Zone दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह परियोजना दूरसंचार विनिर्माण के लिए एक समग्र औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करेगी, जिससे घरेलू वैल्यू चेन सशक्त होगी, आयात पर निर्भरता कम होगी, स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, निर्यात में वृद्धि होगी तथा भारत दूरसंचार उत्पादों और अगली पीढ़ी की तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
परियोजना से, नई दिल्ली में आयोजित प्रथम निवेशक राउंडटेबल के दौरान की गई घोषणा के अनुसार, 14,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है और इस राउंडटेबल से 4000 और रोजगार सृजित होने की संभावनाएं हैं, जिससे कुल 18,000 से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। इससे विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध होंगे और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर करियर के अवसर प्राप्त होंगे।
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए मध्य प्रदेश शासन की 51 प्रतिशत तथा भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत भागीदारी के साथ एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा, जो निवेश, परियोजना के क्रियान्वयन तथा दीर्घकालीन संचालन के लिए एक सुदृढ़ संस्थागत ढांचा प्रदान करेगा।