गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत की गई महाराष्ट्र की झांकी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Republic Day Tableau Of Maharashtra In Mumbai: महाराष्ट्र का नववर्ष ‘गुड़ी पड़वा’ इस बार मुंबईवासियों के लिए बेहद खास होने जा रहा है। गिरगांव की ऐतिहासिक शोभा यात्रा, जो अपनी भव्यता के लिए विश्व प्रसिद्ध है, इस साल एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। 2026 के गुड़ी पड़वा के अवसर पर, दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पुरस्कार जीतने वाली महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झांकी पहली बार मुंबई की सड़कों पर उतरेगी।
आयोजकों के अनुसार, इस झांकी को विशेष रूप से दिल्ली से मुंबई लाया जा रहा है ताकि आम नागरिक उस कलाकृति को करीब से देख सकें जिसने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। यह झांकी महाराष्ट्र की समृद्ध लोक कला, ऐतिहासिक किलों और भक्ति परंपरा का जीवंत चित्रण करती है। गिरगांव की तंग गलियों से जब यह विशाल रथ गुजरेगा, तो साथ में हजारों महिलाएं पारंपरिक ‘नऊवारी’ साड़ी पहनकर और पुरुष केसरिया फेटा बांधकर ‘लेझिम’ और ‘ढोल-ताशा’ की गूंज के साथ इसका स्वागत करेंगे।
गिरगांव स्थित स्वामी विवेकानंद युवा प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित यह शोभा यात्रा सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होगी। झांकी के साथ-साथ इस बार पर्यावरण संरक्षण और ‘विकसित भारत’ के संदेश को भी प्रमुखता दी जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, इस यात्रा में विदेशी पर्यटकों के भी भारी संख्या में जुटने की उम्मीद है। झांकी को गिरगांव के मुख्य जंक्शन पर प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां लोग इसके साथ तस्वीरें ले सकेंगे और महाराष्ट्र की शिल्पकारी को समझ सकेंगे।
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गणतंत्र दिवस की इस झांकी में महाराष्ट्र के किलों के स्थापत्य और राज्य की ‘शक्तिपीठों’ का अद्भुत समावेश है। इसे मुंबई लाना न केवल एक उत्सव है, बल्कि उन कलाकारों के सम्मान का भी तरीका है जिन्होंने महीनों की मेहनत से इसे तैयार किया था। इस पहल से युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जुड़ने का मौका मिलेगा।