

Goregaon Mulund Link Road: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) परियोजना के तहत संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बन रही जुड़वां सुरंगों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। BMC के अनुसार, पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘तुलसी’ से अब तक 64 मीटर सुरंग की खुदाई पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही 27 रिंग सेगमेंट भी लगाए जा चुके हैं।
GMLR के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में नेशनल पार्क के नीचे दो समानांतर सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। पहली TBM ‘तुलसी’ ने खुदाई का काम शुरू कर दिया है। अब तक मशीन के जरिए 64 मीटर लंबी सुरंग तैयार की जा चुकी है और सुरंग को मजबूती देने के लिए 27 रिंग सेगमेंट लगाए गए हैं।
यह भूमिगत मार्ग गोरेगांव और मुलुंड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने वाली परियोजना का अहम हिस्सा है।
दूसरी सुरंग के लिए इस्तेमाल होने वाली TBM ‘विहार’ की असेंबलिंग का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। BMC के मुताबिक इसकी असेंबलिंग 92 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।
मशीन का साइट एक्सेप्टेंस टेस्ट (SAT) 13 अक्टूबर से शुरू करने की योजना है। तकनीकी परीक्षण सफल रहने के बाद 22 अक्टूबर से दूसरी सुरंग की खुदाई शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
अतिरिक्त मनपा आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा इंतजाम, मशीनरी, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा से जुड़े पहलुओं का जायजा लिया।
उन्होंने परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखने के लिए एक डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि काम की स्थिति और प्रमुख चरणों की नियमित निगरानी की जा सके।
BMC ने GMLR परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया है। वर्तमान योजना के अनुसार पूरी परियोजना को फरवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जुड़वां सुरंगों का निर्माण पूरा होने के बाद गोरेगांव और मुलुंड के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना के इस भूमिगत हिस्से का निर्माण राष्ट्रीय उद्यान के संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।