शाश्वत कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, ‘गोदरेज एग्रोवेट’ समझौते पर सीएम का विश्वास

CM Devendra Fadnavis: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में गोदरेज एग्रोवेट और एमएसआरएलएम के बीच समझौता हुआ, जिससे महिला किसानों को शाश्वत कृषि और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा।
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CM Devendra Fadnavis (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Agricultural Training: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में मंगलवार को गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड और महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवन उन्नति अभियान (एमएसआरएलएम-उम्मेद) के बीच एक महत्वपूर्ण सामंजस्य समझौता (MoU) किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह समझौता शाश्वत कृषि, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पहल से राज्य के 9 जिलों में 5,000 से अधिक महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “महाराष्ट्र के किसान राज्य की रीढ़ हैं। हजारों परिवारों की आजीविका कृषि पर निर्भर है, जिनमें अनेक परिवारों का नेतृत्व सक्षम महिलाएं कर रही हैं। ऐसे किसानों को सुलभ ऋण, आधुनिक तकनीक और समय पर सहायता प्रदान करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि यह साझेदारी शाश्वत कृषि और लैंगिक समावेशन के प्रति राज्य सरकार की जवाबदेही को दर्शाती है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से महिला किसान आत्मनिर्भर बनेंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी।

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026 के अनुरूप पहल

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर यह तीन वर्षीय कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इसके तहत 9 कपास उत्पादक जिलों में 5,000 से अधिक महिला किसानों को उत्तम कृषि पद्धतियों (GAP) और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्पादन लागत में कमी आएगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

कार्यक्रम का दायरा और लाभ

इस कार्यक्रम के पहले चरण में नागपुर, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, परभणी, जलगांव, बीड, अकोला और नांदेड़ जिलों को शामिल किया गया है। लगभग 50,000 एकड़ क्षेत्र में 5,000 से अधिक महिला किसान और 100 स्वयं सहायता समूह इस योजना से लाभान्वित होंगे। आगामी तीन वर्षों में इस पहल को 500 से अधिक स्वयं सहायता समूहों तक विस्तारित किया जाएगा और कपास के साथ-साथ मक्का एवं अन्य फसलों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

प्रशिक्षण और सुविधाओं का प्रावधान

एमएसआरएलएम-उम्मेद स्वयं सहायता समूहों और कृषि सखी नेटवर्क के माध्यम से महिला किसानों को संगठित करेगा, जबकि गोदरेज एग्रोवेट प्रशिक्षण कार्यशालाएं, प्रदर्शन खेत, किसान फील्ड स्कूल और सुरक्षा किट उपलब्ध कराएगा। दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से GAP, IPM और सुरक्षा संबंधी पद्धतियों पर प्रशिक्षण देंगी। यह साझेदारी महिला किसानों को उन्नत कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी और शाश्वत आजीविका का निर्माण होगा।

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