GMLR Project में मुलुंड फ्लाईओवर निर्माण तेज, मई 2026 तक आंशिक यातायात शुरू होने का लक्ष्य
BMC की महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के तहत मुलुंड पश्चिम में फ्लाईओवर निर्माण तेज हो गया है. 1.89 किमी लंबे इस हिस्से का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अभिजीत बांगर (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
Mumbai News In Hindi: बीएमसी की महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड ( जीएमएलआर) परियोजना के अंतर्गत मुलुंड (पश्चिम) में निर्माणाधीन फ्लाई ओवर कार्य ने गति पकड़ ली है।
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बुधवार को स्थल निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और समयबद्ध पूर्णता के निर्देश दिए।
मुलुंड पश्चिम के खिंडीपाड़ा क्षेत्र में गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर उन्नत चक्रीय मार्ग तथा डॉ। हेडगेवार चौक पर केबल-स्टे संरचना सहित फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। तानसा पाइपलाइन से नाहूर रेलवे पुल तक लगभग 1।89 किलोमीटर लंबा यह फ्लाईओवर परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नीट आंदोलन को उद्धव ठाकरे का बड़ा समर्थन
MSME Technology Centre Mumbai Admission 2026: 3 वर्षीय डिप्लोमा कोर्सेज के लिए प्रवेश शुरू, ऐसे करें अप्लाई
C-DAC Recruitment 2026: सी-डैक में प्रोजेक्ट इंजीनियर सहित 45 पदों पर निकली सरकारी भर्ती, ऐसे करें अप्लाई
ऑनलाइन लूडो ऐप पर दोस्ती शादी का वादा, घर से 10 लाख लेकर फरार हुई SSC छात्रा, इंस्टाग्राम से मिला सुराग
🔸गोरेगाव – मुलुंड जोड रस्ता (GMLR) पायाभूत सुविधा प्रकल्प अंतर्गत मुलुंड (पश्चिम) खिंडीपाडा येथील गुरु गोविंद सिंग रस्त्यावर उन्नत चक्रीय मार्ग व डॉ. हेडगेवार चौक येथे केबल स्टे यांच्यासह उड्डाणुलाची संरचना व बांधकामे करण्यात येत आहेत. अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त… pic.twitter.com/zLBZgCT2fZ — माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) February 4, 2026
मुख्य फ्लाईओवर के लिए प्रस्तावित 48 स्तंभों में से 39 का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 47 में से 10 स्पैन का कार्य भी पूर्ण किया गया है। इसके साथ ही मुख्य फ्लाईओवर के दोनों ओर तानसा जलवाहिनी पर दो छोटे फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, उत्तर दिशा में स्थित छोटे फ्लाईओवर को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि मानसून से पहले यातायात को राहत मिल सके। इसे 31 मई 2026 तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, मुलुंड क्षेत्र के समस्त कार्यों को 15 जून 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें :- विरार-दहानू रेल क्वाडूपलिंग परियोजना 47% पूरी, यात्रियों को जल्द मिलेगी बेहतर लोकल सेवा
4 चरणों में किया जा रहा कार्य
- जीएमएलआर परियोजना लगभग 12.20 किलोमीटर लंबी है, जिसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुलुंड के ईस्टर्न एक्सप्रेस हायवे को गोरेगाव के वेस्टर्न एक्सप्रेस हायवे से सीधे जोड़ना है, जिससे मुबई के पूर्व-पश्चिम यातायात पर दबाव कम होगा।
- परियोजना में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से गुजरने वाली जुड़वां सुरंगें, दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी क्षेत्र की बॉक्स सुरंग और कई फ्लाईओवर शामिल है। निरीक्षण के दौरान बांगर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चल रहे कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद मुंबईवासियों को तेज, सुगम और सुरक्षित यातायात सुविधा मिलेगी।
