Mumbai: 10 साल बाद भी अधूरा हैंकॉक ब्रिज, पुनर्वसन व कोर्ट केस से लटका काम

Hancock Bridge का पुनर्निर्माण 10 साल बाद भी अधूरा है। पुनर्वसन, कोर्ट केस और तकनीकी अड़चनों के कारण एप्रोच रोड व अन्य कार्य अटके हैं। बीएमसी ने प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।
Hancock Bridge
हैनकॉक ब्रिज (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: सेंड्हर्स्ट रोड स्टेशन के पास स्थित हैंकॉक ब्रिज को ध्वस्त किए हुए 10 वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अब तक ब्रिज का काम पूरा नहीं हुआ है। बीएमसी की मानें तो इस ब्रिज के कार्य में पुनर्वसन का मामला जुड़े होने से देरी का सामना करना पड़ रहा है।

ब्रिज के रास्ते में कुछ झोपड़पट्टी व इमारतें मौजूद हैं, जिनका पुनर्वसन करना है, इसके लिए अब बीएमसी जल्द ही टेंडर निकालने बाली है। बुधवार को अतिरिक्त बीएमसी आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर और पुलिस सह आयुक्त (यातायात) अनिल कुंभारे की उपस्थिति में परियोजना की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीएमसी तथा ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल थे।

प्रभावितों के पुनर्वास की प्रक्रिया अभी तक नहीं की गई पूरी

बीएमसी के मुताबिक, मध्य रेलवे के भायखला और सैडहस्र्स्ट रोड स्टेशन के बीच स्थित हैकीक ब्रिज का पुनर्निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। बिज के दोनों ओर के एप्रोच रोड का कार्य भी आंशिक रूप से हो चुका है।

हालांकि पुल के पूर्वी हिस्से में नई सड़क रेखा के अनुरूप कई वाणिज्यिक (कमर्शियल) प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं। इनके पुनर्वास की प्रक्रिया को संबंधित प्रशासन ने अब तक पूर्ण नहीं किया है, जिस कारण परियोजना का शेष कार्य रुका हुआ है।

बांगर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्वास कार्य को तुरंत पूरा किया जाए और बाकी कार्यों के लिए निविदाएं प्राथमिकता से जारी की जाए। गौरतलब है कि यह पुल 2016 में जर्जर होने के कारण मध्धा रेलवे द्वारा तोड़ा गया था और इसका पुनर्निर्माण फरवरी 2020 में पूरा हुआ। अगस्त 2022 में पुल का एक हिस्सा यातायात के लिए खोल दिया गया था, किंतु कुछ तकनीकी व न्यायिक कारणों से कार्य अधूरा रह गया।

कोर्ट में मामला होने से हो रही देरी

समीक्षा बैठक में एमएचएडीए उपकर इमारतों में रहने वाले किरायेदारों तथा गाला धारकों के पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। बांगर ने बताया कि कुछ किरायेदारों की ओर से दायर याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश दिया है।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्थगन हटाने के लिए वरिष्ठ विधि विशेषज्ञों की सहायता ली जाए और सभी न्यायिक प्रक्रियाओं का उचित पालन किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, एप्रोच रोड, सड़क चौड़ीकरण तथा अन्य आवश्यक कार्यों को गति देने से स्थानीय नागरिकों को काफी राहत मिलेगी, बीएमसी ने परियोजना को प्राथमिकता देकर जल्द पूर्ण करने का आश्वासन दिया है।

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