मुंबई को ग्लोबल सिटी बनाने की तैयारी: बाढ़ रोकने के लिए 13,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव, 2047 तक बड़ा विजन
Mumbai Mega Project: मुख्यमंत्री फडणवीस ने मुंबई के कायाकल्प के लिए बुनियादी ढांचे, जलभराव निवारण हेतु 13,000 करोड़ के प्रस्ताव और AI निगरानी सहित कई वैश्विक स्तर की योजनाओं की घोषणा की।
- Written By: रूपम सिंह
मेगा प्लान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mumbai Mega Project Devendra Fadnavis: मुंबई को आने वाले वर्षों में एक वैश्विक स्तर का शहर बनाने की तैयारी महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने शुरू की है। राज्य सरकार ने इसके लिए बुनियादी ढांचे, पुनर्विकास, नई तकनीक, बाढ़ नियंत्रण, पानी की व्यवस्था, यातायात और स्वास्थ्य सेवा के लिए वैश्विक स्तर की बड़ी योजना बनाई है। इसी कड़ी में मुंबई की बाढ़ की समस्या हमेशा के लिए हल करने के लिए 13 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा मैं यह जानकारी दी।
बाढ़ रोकने पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहर के 370 ऐसे स्थान हैं, जहां बारिश में पानी भर जाता है। इन जगहों से पानी अब सिर्फ 30 मिनट में निकाला जाएगा। अभी 547 पंप काम कर रहे हैं। एमएमआरडीए, रेलवे और अन्य विभागों के पंप मिलाकर कुल 990 पंप उपलब्ध हैं।
छह बड़े और दस छोटे पंपिंग स्टेशन भी चालू हैं। इस साल तय लक्ष्य से ज्यादा, यानी 112 प्रतिशत नाले साफ किए गए। मीठी नदी से 83 प्रतिशत गाद निकाली जा चुकी है। फडणवीस ने कहा कि इस साल मुंबई में सिर्फ छह दिनों में जुलाई महीने की औसत से ज्यादा बारिश हुई, फिर भी सभी विभागों ने अच्छा काम किया।
सम्बंधित ख़बरें
महाराष्ट्र के 7444 गांवों में श्मशान नहीं! फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, अब इस शर्त के बिना नहीं मिलेगा फंड
महाराष्ट्र में कमर्शियल चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य: 16 अगस्त से लागू होगा नियम, परिवहन मंत्री की घोषणा
फर्स्ट एसी कोच में हनीमून का कमरा बनाना पड़ा महंगा, रेलवे ने सीटीआई को किया निलंबित
मुंबई में भारी बारिश और वारी के चलते SIR मुहिम का शेड्यूल बदलें, वर्षा गायकवाड़ ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
नाला सफाई में ली जा रही एआई की मदद
नाला सफाई में गड़बड़ी रोकने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे फर्जी बिल और झूठे दावे पकड़ में आ रहे हैं। इस तकनीक की मदद से 2025 में साढ़े बारह करोड़ रुपए और 2026 में सवा नौ करोड़ रुपए का जुर्माना संबंधित ठेकेदारों पर लगाया गया। इसके अलावा अवास्तविक खर्च वाले 1,032 करोड़ रुपए के टेंडर रद्द किए गए हैं। डिजिटल निगरानी और ई-निविदा प्रणाली से जनता के पैसे की बचत होगी।
सड़कों का आधुनिकीकरण
मुंबई शहर में 95 प्रतिशत सड़कों को कंक्रीट का बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण का 89 प्रतिशत और दूसरे चरण का 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मई 2027 तक पूरा काम खत्म करने की कोशिश है। गोरेगांव-मुलुंड सुरंग, उत्तर तटीय मार्ग और ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर भी काम तेज कर दिया गया है। इसके साथ रोबोटिक पार्किंग और भूमिगत पार्किंग की सुविधा से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
2047 तक बनेगा वैश्विक आर्थिक केंद्र, बढ़ेंगे रोजगार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि 12 लाख 26 हजार करोड रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट का पैसा तय हो चुका है। 2047 तक एमएमआर की अर्थव्यवस्था को 825 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके लिए 30 नए बिजनेस हब, वॉटर मेट्रो और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर काम चल रहा है। इन योजनाओं से मुंबई देश की फिनटेक राजधानी और स्टार्टअप हब के रूप में मजबूत होगी, जिससे युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार बनेंगे।
पानी के लिए प्रयास जारी
- गारगाई प्रोजेक्ट को जरूरी मंजूरी मिल गई है। इससे 2029 तक 500 एमएलडी अत्तिरिक्त पानी मिलेगा।
- मनोरी और वर्सोवा में समुद्र के पानी को मीठा बनाने के प्रोजेक्ट लग रहे हैं। इनसे 2030 तक एक हजार एमएलडी मीठा पानी मिलेगा।
अस्पतालों का विस्तार
सायन और नायर अस्पतालों के साथ-साथ उपनगरीय अस्पतालों को भी बड़ा किया जा रहा है। इससे करीब तीन हजार नए बेड मिलेंगे।
बड़े घर और धारावी का कायाकल्प
- स्वयं पुनर्विकास योजना से लोगों को 600 वर्ग फुट की जगह अब 1,200 से 1,400 वर्ग फुट तक के घर मिल रहे हैं।
- म्हाडा के जरिए एक लाख आठ हजार घर बनाए जाएंगे।
- धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट से करीब 1।6 लाख घरों, दुकानों और छोटे कारखानों को नई जगह दी जाएगी।
