गणेशोत्सव और ईद-ए-मिलाद के मद्देनजर सुरक्षा का परीक्षण, बांद्रा में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल
Mumbai News: मुंबई पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने मिलकर बांद्रा रेलवे टर्मिनस पर दंगा नियंत्रण का मॉक ड्रिल किया। इसका मकसद त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
- Written By: सोनाली चावरे
बांद्रा में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल (pic credit; social media)
Maharashtra News: गणेशोत्सव का उत्सव पूरे जोश से मनाया जा रहा है और ईद-ए-मिलाद का पर्व भी नजदीक है। दोनों अवसरों पर भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए बांद्रा रेलवे टर्मिनस पर गुरुवार (28 अगस्त) को दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त प्रयास से किया गया।
यह ड्रिल दोपहर 2:40 बजे से 4:30 बजे तक टर्मिनस के मुख्य टिकट बुकिंग हॉल और प्लेटफॉर्म परिसर में चली। अभ्यास की रूपरेखा के अनुसार, टिकट खिड़की पर कतार में खड़े दो गुटों के बीच झगड़ा शुरू होता है, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले लेता है। माहौल तनावपूर्ण होते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर रायट कंट्रोल प्लाटून को बुलाया गया। प्लाटून ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और हालात सामान्य कर दिए।
यात्रियों में सुरक्षा का संदेश देने के लिए इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 7 तक, बुकिंग ऑफिस और ब्रिजों पर रूट मार्च निकाला गया। रूट मार्च में जीआरपी, आरपीएफ, मुंबई पुलिस और होमगार्ड शामिल रहे।
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इस मॉक ड्रिल में कुल 45 से अधिक सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इसमें जीआरपी के 24 जवान (PI-1, PSI-1, ASI-4 और स्टाफ-18), आरपीएफ के 14 जवान (ASI-2 और स्टाफ-12), निर्मल नगर पुलिस के 2 जवान व एक मोबाइल वैन और 5 होमगार्ड शामिल थे।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ड्रिल न केवल पुलिस बल की तत्परता की परीक्षा होती है, बल्कि यात्रियों में भी भरोसा जगाने का माध्यम बनती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अचानक उपजी परिस्थिति में कैसे प्रतिक्रिया करनी है, इस पर बल को व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभ्यास को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
