Mumbai Police Fake Stamp Scam (फोटो क्रेडिट-X)
Fake Stamp Scam: मुंबई पुलिस की माता रमाबाई अंबेडकर (M.R.A.) मार्ग पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में भारतीय डाक विभाग के नाम पर चल रहे फर्जी स्टैंप पेपर के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। यह गिरोह न केवल मुंबई, बल्कि दिल्ली, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। पुलिस ने इस मामले में पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कूरियर सेवाओं का उपयोग कर पूरे देश में नकली पोस्टल स्टैंप की सप्लाई कर रहे थे।
इस घोटाले की परतें खुलने के बाद लगभग ₹7 से ₹8 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
इस गिरोह का पर्दाफाश करना मुंबई पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहे थे। मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम ने दिल्ली में लगातार 14 दिनों तक डेरा डाला और स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाई।
पकड़े गए आरोपी: पुलिस ने मुंबई के राकेश बिंद, बिहार के शमशुद्दीन गफ्फार व शाहिद रजा, दिल्ली के मोहम्मद शहाबुद्दीन शेख और गाजियाबाद के वीरेंद्र प्रसाद को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।
तकनीकी जांच: 12 सितंबर 2025 को जी.पी.ओ. (GPO) के डाक निरीक्षक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच ने अंततः इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क की कमर तोड़ दी।
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनके ठिकानों की तलाशी ली गई, तो पुलिस भी दंग रह गई। उनके पास से ₹27,84,200 मूल्य के नकली पोस्टल स्टैंप बरामद किए गए हैं। यह गिरोह सरकारी राजस्व को चूना लगाकर अपनी समानांतर व्यवस्था चला रहा था। जांच में पाया गया कि आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों का लेनदेन हुआ है, जो यह साबित करता है कि यह कारोबार लंबे समय से और बहुत बड़े स्तर पर फल-फूल रहा था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन नकली स्टैंप का उपयोग केवल डाक सेवाओं के लिए हो रहा था या इनका इस्तेमाल अदालती दस्तावेजों, समझौतों और अन्य कानूनी कागजात में भी किया गया है।
कूरियर नेटवर्क: गिरोह ने कूरियर सेवाओं को अपनी सप्लाई चेन बनाया था ताकि वे जांच एजेंसियों की नजरों से बच सकें।
अंतर्राज्यीय लिंक: दिल्ली, बिहार और यूपी से तार जुड़े होने के कारण पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के कुछ ‘मास्टरमाइंड’ अभी भी फरार हो सकते हैं।
सरकारी नुकसान: नकली टिकटों के इस जाल ने डाक विभाग के राजस्व को अपूरणीय क्षति पहुँचाई है, जिसकी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।