महाराष्ट्र में नकली दूध गिरोह का भंडाफोड़: FDA की 5 जिलों में छापेमारी, 20 हजार लीटर दूध नष्ट, 13 गिरफ्तार

Maharashtra FDA Raid: एफडीए और पुलिस ने पांच जिलों में छापेमारी कर कृत्रिम दूध बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 1.48 करोड़ का माल जब्त कर 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
FDA busted an organized fake milk racket across 5 districts in Maharashtra, seizing materials worth Rs 1.48 crore and arresting 13 accused individuals.
दूध के गिरोह का भंडाफोड़ प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Maharashtra Fake Milk Racket Tukaram Mundhe: खुफिया सूचना के आधार पर एफडीए ने पुणे ग्रामीण पुलिस के साथ मिलकर पांच जिलों में संयुक्त कार्रवाई कर कृत्रिम दूध के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। अभियान के दौरान करीब 1.48 करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया, साथ ही 20 हजार लीटर संदिग्ध दूध मौके पर ही नष्ट करते हुए 49 नमूनों को एकत्र किया गया। इस बीच 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

इतना ही नहीं मामले में 26 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर मिलावट के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, 5 खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर 4 प्रतिष्ठानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

एफडीए के अनुसार खुफिया सूचना के आधार पर शुरू की गई जांच में सामने आया कि स्किम्ड मिल्क पाउडर, व्हे/डेयरी परमीएट पाउडर, इमल्सीफायर, डिटर्जेंट, शैम्पू और पाम ऑयल जैसे पदार्थों से कृत्रिम दूध तैयार कर उसे प्राकृतिक दूध में मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला का भी खुलासा हुआ।

4 और 5 जुलाई को पुणे, अहिल्यानगर, सोलापुर, जालना और ठाणे जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। अभियान में एफडीए के करीब 30 खाद्य सुरक्षा अधिकारी और 40 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। कार्रवाई के दौरान दूध संग्रह केंद्रों, चिलिंग सेंटरों, पैकिंग इकाइयों और मिलावट सामग्री के भंडारों की तलाशी ली गई।

आरोपियों को 5 दिन की पुलिस हिरासत

  • जांच में सुशांत बाबनराव हिंगे को नेटवर्क का मुख्य सरगना और संदीप लोढा को सलाहकार की भूमिका में पाया गया। एफडीए का दावा है कि यह गिरोह किसानों, दूध संग्रह केंद्रों और चिलिंग सेंटरों तक मिलावट की सामग्री पहुंचाकर बड़े पैमाने पर कृत्रिम दूध तैयार कर रहा था।
  • मामले में 26 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
  • शेष आरोपियों की तलाश जारी है। एफडीए ने नागरिकों से भी अपील की है कि दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की जानकारी मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दूध जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थ में

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे मिलावट करना समाज के खिलाफ गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि एफडीए केवल मिलावटी उत्पाद जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे संगठित नेटवर्क को खत्म करने के लिए राज्यभर में खुफिया सूचना आधारित अभियान जारी रखेगा।

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