फर्जी जन्म प्रमाणपत्र (सोर्स: सोशल मीडिया)
Fake Birth Certificate Racket: फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने और उनमें अवैध रूप से बदलाव कराने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कुर्ला, मुलुंड और देवनार पुलिस ने इस संबंध में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि कई लोगों ने जाली दस्तावेजों के आधार पर जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त किए या मौजूदा प्रमाणपत्रों में नाम, माता-पिता के विवरण और जन्म स्थान जैसी जानकारियों में हेरफेर कराया। कुर्ला पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, नगर निगम के एक चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी की शिकायत पर 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि नवंबर 2023 से अप्रैल 2025 के बीच एक अधिकारी के लॉग-इन का दुरुपयोग कर जन्म प्रमाणपत्रों में अनधिकृत संशोधन किए गए। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड, घर पर जन्म होने के झूठे दावे और अन्य जाली दस्तावेज जमा किए थे।
मुलुंड इलाके में भी इसी तरह का मामला दर्ज किया गया है। यहां चार लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है, जबकि जांच के दौरान 400 से अधिक विलंबित जन्म पंजीकरण आवेदन संदेह के घेरे में आए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो लंबे समय से फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने में सक्रिय था।
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देवनार पुलिस ने भी जाली दस्तावेजों के जरिए जन्म प्रमाणपत्र हासिल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। सभी मामलो में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस और नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे अहम दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।