भोंदू बाबा पर फडणवीस का तंज, बोले- नींबू-मिर्ची से समस्या सुलझती तो ट्रंप के सलाहकार होते
Maharashtra Assembly के बजट सत्र में CM देवेंद्र फडणवीस ने ‘जीरो FIR’ को गैरकानूनी बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। साथ ही भोंदू बाबा मामले पर अंधविश्वास को लेकर तीखा बयान दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
Devendra Fadnavis assembly statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Fadnavis Zero FIR Controversy Statement: महाराष्ट्र विस के बजट सत्र के अंतिम दिन गृह मंत्री और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सदन में विरोधियों पर जमकर बरसे।
सीएम ने पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में कर्नाटक में दर्ज ‘जीरो एफआईआर’ और भोंदूगिरी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने बारामती विमान दुर्घटना में हुई अजीत पवार की मृत्यु के मामले में कर्नाटक में दर्ज हुई ‘जीरो एफआईआर’ को पूरी तरह ‘गैरकानूनी’ ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय न्याय संहिता के अनुसार, कर्नाटक सरकार को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जीरो एफआईआर तब दर्ज की जाती है जब पीड़ित शिकायत करने की स्थिति में न हो।
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राजनीति से प्रेरित कृत्य
रोहित पवार को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि आप दिल्ली में राहुल गांधी से मिले और हो सकता है कि उनके कहने पर कर्नाटक में एफआईआर दर्ज की गई होगी लेकिन यह सिर्फ छवि खराब करने और यह दिखाने के लिए दर्ज की गई है कि महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है। यह पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है क्योंकि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार है।
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तो डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार होते खरात
सदन में भोंदू बाबा अशोक खरात के मामले पर भी चर्चा हुई। फडणवीस ने चुटकी लेते हुए अंधविश्वास पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि जादू-टोना और नींबू-मिर्ची से समस्याएं हल हो जातीं तो खरात जैसे भोंदू बाबा आज डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार होते। फिर हमें सीमा पर सैनिक भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। 5-10 भोंदू बाबा ही सीमा सुरक्षित कर देते। खरात मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अंधविश्वास फैलाने वालों के लिए कानून के नियम अंतिम चरण में हैं।
