विधायक डॉ. परिणय फुके बोले- कानून किसी दल के खिलाफ नहीं, 13 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए है

Mumbai Dr Parinay Phuke: विधान परिषद में डॉ. परिणय फुके ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का उद्देश्य 13 करोड़ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना व आधुनिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण है।
MLA Dr. Parinay Fuke stated that the law is not against any party but is for the safety of the 13 crore people.
डॉ. परिणय फुके (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Dr Parinay Phuke Supports Nagarik Suraksha Sanhita: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 में प्रस्तावित संशोधनों पर विधान परिषद में चर्चा के दौरान विधायक डॉ. परिणय फुके ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार महाराष्ट्र की 13 करोड़ जनता की सुरक्षा के लिए काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए कानून किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

डॉ. फुके ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों और आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जब भी कोई नया कानून आता है, विपक्ष यह मान लेता है कि वह उनके खिलाफ है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

'कानून का न दुरुपयोग हुआ, न होगा'

डॉ. परिणय फुके ने सदन में कहा कि राज्य सरकार ने कभी भी कानून का दुरुपयोग नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अपराधों का स्वरूप भी बदल रहा है, इसलिए आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए कानूनों में आवश्यक संशोधन करना जरूरी है। उनके अनुसार, नए प्रावधानों का उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, जांच प्रक्रिया को मजबूत बनाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

एसीपी और एसडीपीओ को मिलेंगे अधिक अधिकार

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत शहरों में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) और उपविभागीय पुलिस अधिकारी (SDPO) को अधिक अधिकार देने का प्रस्ताव किया गया है। डॉ. फुके ने कहा कि इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, त्वरित निर्णय लेने और अपराधों पर तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

साइबर और डिजिटल अपराधों पर रहेगा विशेष फोकस

उन्होंने बताया कि नए कानून में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों, डिजिटल अपराध, साइबर अपराध, वेबसाइट, इलेक्ट्रॉनिक फाइल, क्लाउड प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान किए गए हैं।

इसके अलावा शपथपत्र स्वीकार करने के अधिकार और जांच प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने से जुड़े कई प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।डॉ. फुके ने कहा कि आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अपराधों की प्रकृति बदल रही है, इसलिए कानूनों को भी समय के अनुरूप अद्यतन करना आवश्यक है।

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