विधानसभा के दरवाजे पर 'घरेलू जंग', परिणय फुके की विधवा बहू का बच्चों संग धरना!

प्रिया फुके ने अपने बच्चों को साथ लेकर विधानभवन के बाहर सरकार और पुलिस के खिलाफ आंसू बहाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुझे सत्ता के दम पर धमकाया जा रहा है। घर से निकाल दिया गया है।
परिणय फुके की विधवा बहू का बच्चों संग धरना!
परिणय फुके की विधवा बहू का बच्चों संग धरना! (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को राजधानी में ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने सत्ताधारी भाजपा को असहज कर दिया। विधानभवन का गेट पारिवारिक कलह का अखाड़ा बन गया, जब भाजपा एमएलसी परिणय फुके की विधवा बहू प्रिया फुके अपने छोटे बच्चों के साथ वहां धरने पर बैठ गईं।

प्रिया फुके ने अपने बच्चों को साथ लेकर विधानभवन के बाहर सरकार और पुलिस के खिलाफ आंसू बहाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुझे सत्ता के दम पर धमकाया जा रहा है। घर से निकाल दिया गया है। मेरे बच्चों से भी मिलने नहीं दे रहे थे। पुलिस मेरी एफआईआर भी दर्ज नहीं कर रही है।

मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं

यह भावनात्मक लाइव ड्रामा मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष के लिए बैठे-बिठाए मुद्दा बन गया। कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) नेताओं ने भाजपा पर महिला और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमला बोला और पूछा, “मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं? महिला और बच्चों की आवाज क्यों दबाई जा रही है?” इस बीच विधान भवन के बाहर आक्रामक प्रदर्शन कर रहीं प्रिया फुके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

सियासी हलकों में खलबली

विधानसभा गेट पर रोती-बिलखती प्रिया फुके और उनके मासूम बच्चों की तस्वीरों ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी। विपक्ष ने महिला आयोग से तत्काल दखल की मांग की और सरकार पर महिला अत्याचार छुपाने का आरोप लगाया।

उधर भाजपा एमएलसी परिणय फुके ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह पारिवारिक विवाद है। इसे राजनीति से प्रेरित होकर तूल दिया जा रहा है। मामला अदालत में है, सच सामने आएगा।” पूरा घटनाक्रम विधानमंडल सत्र में सरकार के लिए बड़ा सियासी सिरदर्द बन गया। विपक्ष इसे हर हाल में भुनाने के मूड में नजर आ रहा है।

इससे पहले भी लगाए है गंभीर आरोप

बता दें कि प्रिया फुके ने इससे पहले भी अपने दिवंगत पति के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा था कि उन्हें परिवार की ओर से बार-बार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और राजनीतिक नेताओं से मदद मांगने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रिया ने कहा था कि मेरे पति को 2022 में लंग कैंसर हुआ था। तब से मुझे मारने की धमकियां दी जा रही हैं। मुझे संपत्ति से जुड़ी किसी बात में शामिल नहीं किया गया और रात 10 बजे मुझे घर से निकालने की कोशिश की गई।

परिणय फुके की सफाई

इस बीच भाजपा एमएलसी परिणय फुके ने सभी आरोपों को नकारा है। उन्होंने कहा कि यह पारिवारिक विवाद है और इसे राजनीति से प्रेरित कर बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले कि अदालत में सुनवाई जारी है, सच सामने आएगा।

सियासी तूफान

  • कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) हमलावर
  • भाजपा पर महिला और बच्चों के उत्पीड़न का आरोप छुपाने का आरोप
  • महिला आयोग से दखल की मांग
  • मानसून सत्र में विपक्ष को मिला नया हथियार
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