मुंबई के सायन अस्पताल में घूमते हैं आवारा कुत्ते, मरीजों पर कभी भी कर सकते हैं जानलेवा हमला
मुंबई के सायन अस्पताल में आवारा कुत्तों के खुलेआम घूमने का मामला सामने आया है। सायन अस्पताल के परिसर में घूमते कुत्तों से मरीजों में दहशत का माहौल है। मरीजों के साथ आए परिजन का कहना है कि ये कुत्ते कभी भी मरीज और उनके परिजन पर जानलेवा हमला कर सकते हैं। ऐसे में मरीजों की सुरक्षा के लिए अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की बात सामने आ रही है।
- Written By: अनिल सिंह
सायन अस्पताल में घूमता आवारा कुत्ता
मुंबई: कहावत है कुत्तों की दोस्ती “काटे चाटे दोऊ तरह से हानि” फिलहाल मुंबई के सायन अस्पताल के लिए चरितार्थ बनी हुई है। हाल के दिनों में कुत्तों द्वारा बच्चों और महिलाओं को काटने की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ बच्चों की मौत भी हो चुकी है लेकिन मुंबई में मशहूर महानगर पालिका द्वारा संचालित लोकमान्य तिलक रुग्णालय के वार्ड में आवारा कुत्ते सरेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जो किसी भी मरीज या अभिभावक को नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन अस्पताल के डीन डॉक्टर मोहन जोशी पशु प्रेमी की रुकावट का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
वार्ड के बाहर मरीजों के अभिभावक और रिश्तेदार चादर डाल कर आराम करते रहते हैं या सो जाते हैं। कुत्ते इन लोगों के इर्द गिर्द खाना पाने के लिए घूमते रहते हैं, लेकिन इन्ही कुत्तों से अभिभावकों और मरीजों पर हमले का खतरा भी बना रहता है आम तौर पर छोटे बच्चों के लिए अधिक खतरा रहता है। लोकमान्य तिलक रुग्णालय ऐसा अस्पताल है जिसमें आम तौर पर धारावी जैसी बस्तियों से मरीज अधिक आते हैं, उनके साथ उनके छोटे बच्चे भी होते हैं जिनके लिए खतरा बना रहता है।
प्राइवेट सुरक्षा गार्ड कुत्तों की आवाजाही पर ध्यान नहीं देते
अस्पताल के सभी गेट हमेशा खुले रहते हैं क्योंकि हर समय मरीजों, मरीज से मिलने वालों और डॉक्टरों का आना जाना लगा रहता है। यहां प्राइवेट सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं जिनकी नजर केवल लोगों पर होती है कुत्तों पर नहीं। कुत्तों के आने जाने पर कोई रोक नहीं है। सुरक्षा गार्ड इस बारे में कुछ भी बात करना उचित नहीं समझते वो केवल बाइक वालों पर नजर रखते हैं।
सायं हॉस्पिटल के डीन डॉक्टर मोहन जोशी बताते हैं कि वार्ड में कुत्ते आ जाते हैं, इसकी जानकारी है, इसलिए जालियां लगाई जा रही हैं, कुत्ते और बिल्लियों का ही खतरा मरीजों के लिए रहता है, लेकिन अगर कुत्तों को पकड़ो या मारो तो पशु प्रेमी आ जाते हैं। फिलहाल एक केस पशुओं को प्रताड़ित करने का हमारे ऊपर चल रहा है, इसलिए हमें जानवरों पर भी कार्रवाई करने पर सोचना पड़ता है।
