Dharavi Redevelopment Project (फोटो क्रेडिट-X)
Varsha Gaikwad Claims on Dharavi Redevelopment Project: मुंबई के धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर संसद में जोरदार बहस देखने को मिली।
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने लोकसभा में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस परियोजना को विवादों में घेर दिया। सांसद ने कहा कि हाल ही में जारी ‘एनेक्सचर-2’ सूची में धारावी के 96 प्रतिशत निवासियों को अपात्र घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मेघवाड़ी और नाईकनगर जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि हजारों लोगों में से बहुत कम को ही पात्र माना गया है।
गायकवाड ने आरोप लगाया कि पात्रता दिलाने के नाम पर दलाल सक्रिय हैं और स्थानीय लोगों से बड़ी रकम वसूली जा रही है। उन्होंने इस पूरे सिस्टम को ‘विकास’ के बजाय ‘वसूली का मॉडल’ करार दिया।
उन्होंने मांग की कि 1 जनवरी 2011 से पहले से रहने वाले सभी निवासियों को पात्र माना जाए, जैसा कि न्यायालय के निर्देशों में कहा गया है। उनका कहना था कि इससे हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है।
धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया में बदलाव कर इसे अदानी ग्रुप को सौंपा गया। उन्होंने पूछा कि इतनी बड़ी परियोजना के बावजूद अब तक जमीन पर काम क्यों शुरू नहीं हुआ।
सांसद ने यह आशंका भी जताई कि धारावी के निवासियों को उनकी मूल जगह से हटाकर कुर्ला और मुलुंड जैसे अन्य इलाकों में स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे उनके जीवन पर असर पड़ेगा।
इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र की आंगनवाड़ियों की स्थिति और बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था को लेकर ठोस योजना पेश करने की मांग की।
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धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर उठे इन सवालों ने एक बार फिर इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले समय में इस पर और भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।