

फडणवीस ने जल परियोजनाओं में सौर ऊर्जा और शोधित पानी के उपयोग पर जोर दिया।
लातूर के 173 गांवों के लिए 256 निजी कुएं-बोरवेल अधिग्रहित।
विश्व बैंक के सहयोग से जल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की तैयारी।
Devendra Fadnavis World Bank IFC Water Projects: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जल परियोजनाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के लिए जमीन, आवश्यक अनुमतियां, बिजली खर्च में कमी और शोधित पानी के उपयोग की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। गुरुवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक के हुई।
फडणवीस ने कहा कि जमीन और अनुमतियों के अभाव में कई परियोजनाएं एक से दो वर्ष तक अटक जाती हैं, इसलिए वित्तीय सहायता के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की सभी तैयारियां पहले पूरी की जाएं।
मुख्यमंत्री ने जल परियोजनाओं का बिजली खर्च कम करने के लिए सौर ऊर्जा और बैटरी में बिजली भंडारण की तकनीक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने शोधित पानी के औद्योगिक उपयोग के लिए पहले से ग्राहक तय करने के निर्देश भी दिए।
जिले के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की किल्लत से निपटने के लिए प्रशासन ने कदम उठाया है। इसके तहत 173 गांवों और बस्तियों में 256 निजी कुओं और बोरवेल का अधिग्रहण किया गया है। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद इलाकों के लोगों को नियमित रूप से पीने का पानी उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, जिले की 10 तहसीलों में निजी जलस्त्रोतों को अधिग्रहित किया गया है। इनमें सबसे अधिक 51 कुएं और बोरवेल औसा तहसील में हैं।
इसके अलावा निलंगा में 45 और अहमदपुर में 41 जलस्रोतों का अधिग्रहण किया गया है। प्रशासन जरूरत के अनुसार इन जलस्त्रोतों का इस्तेमाल प्रभावित गांवों और बस्तियों में पेयजल की आपूर्ति के लिए कर रहा है। जिन इलाकों में पानी की कमी सामने आ रही है, वहां इन स्रोतों के माध्यम से ग्रामीणों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को रोकने और पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है। निजी कुओं और बोरवेल को अधिग्रहित करने से जरूरत के समय उपलब्ध जलस्रोतों का उपयोग कर प्रभावित बस्तियों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विश्व बैंक का सहयोग केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के लिए भी यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन का उद्देश्य पानी की कमी से जूझ रहे क्षेत्रों में उपलब्ध जलस्रोतों का इस्तेमाल कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। हालांकि, इन गांवों में वास्तविक जलापूर्ति की स्थिति और उपलब्ध पानी की मात्रा के बारे में अलग से आंकड़े सामने आने पर योजना के प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।