

Guru Gobind Singh Sacrifice: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि दसवें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह और उनके पूरे परिवार द्वारा किए गए बलिदान न केवल भारत के इतिहास में, बल्कि विश्व इतिहास में भी अद्वितीय हैं। मुख्यमंत्री सायन स्थित गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर दरबार में ‘वीर बाल दिवस’ के अवसर पर आयोजित कीर्तन सभा को संबोधित कर रहे थे। यह दिवस श्री गुरु गोविंद सिंह के पुत्र साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अरदास भी की। साहिबजादों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए फडणवीस ने कहा कि अपार व्यक्तिगत हानि के बावजूद गुरु गोविंद सिंह अपने सिद्धांतों से कभी विचलित नहीं हुए और उन्होंने मानवता की रक्षा तथा धर्म की स्थापना का सशक्त संदेश दुनिया को दिया।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में ही साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह ने अत्याचारों का साहसपूर्वक सामना किया और निर्भय होकर शहादत को स्वीकार किया। उनका बलिदान समाज को प्रेरणा देता है और अन्याय के खिलाफ दृढ़ता से खड़े रहने का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस दिन सभी सिख गुरुओं को स्मरण करें, उनके परिवारों के बलिदानों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और मानवता की रक्षा के लिए दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जनवरी 2022 को श्री गुरु गोविंद सिंह की जयंती के अवसर पर साहिबजादों की शहादत की स्मृति में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)