धर्मेंद्र प्रधान का रिप्लेसमेंट होंगे देवेंद्र फड़णवीस? सीएम के अचानक दिल्ली रवाना होने से अटकलें तेज

Devendra Fadnavis Delhi Visit: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे से उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें शुरू हो गई हैं।
devendra fadnavis to replace dharmendra pradhan delhi visit sparks speculation
देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Devendra Fadnavis To Replace Dharmendra Pradhan: NEET पेपर लीक विवाद और चौतरफा बढ़ते दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने मोदी सरकार के सामने एक बड़ी जगह खाली है। अब गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है देश का नया शिक्षा मंत्री कौन होगा? इस रेस में जिस नाम की चर्चा सबसे अधिक हो रही है, वह है महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस।

राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाजार उस वक्त गर्म हो गया जब देवेंद्र फडणवीस को अचानक दिल्ली बुलाया गया। दिलचस्प बात यह है कि फडणवीस ने सुबह ही पंढरपुर में भगवान विठ्ठल की महापूजा संपन्न की थी और उसके तुरंत बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। महाराष्ट्र में पहले से ही यह चर्चा जोरों पर थी कि फडणवीस को केंद्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है और राज्य की कमान किसी और को दी जाएगी। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए फडणवीस को सबसे उपयुक्त दावेदार माना जा रहा है।

पेपर लीक के कलंक को धोने के लिए फडणवीस ही क्यों?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनूसार पिछले 10 वर्षों में देश में लगभग 152 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिसने शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को एक ऐसे विश्वासपात्र, कर्तव्यदक्ष और कार्यकुशल सहयोगी की जरूरत है जो इस बिगड़ी हुई व्यवस्था को सुधार सके। फडणवीस को भाजपा और आरएसएस के गढ़ नागपुर से निकला एक बेदाग और प्रशासनिक रूप से सक्षम नेता माना जाता है। उनकी क्लीन इमेज और कठिन चुनौतियों को संभालने की क्षमता उन्हें इस पद के लिए सबसे आगे खड़ा करती है।

युवाओं की जीत और भविष्य की चुनौती

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉक्रोच जनता पार्टी और अभिजीत दीपके जैसे युवाओं के प्रचंड संघर्ष का नतीजा माना जा रहा है। हालांकि, विपक्षी नेता सुप्रिया सुले ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल इस्तीफा काफी नहीं है, वे अब भी संसद में वास्तविक जवाबदेही और व्यापक शैक्षिक सुधारों की मांग पर अडिग हैं।

महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली बुलाए जाने का समय भी काफी महत्वपूर्ण है। यह हलचल ऐसे समय में हो रही है जब ठाकरे बंधुओं के मोर्चे से कुछ ही घंटे पहले उन्हें दिल्ली तलब किया गया है, जिसके महाराष्ट्र की राजनीति में कई मायने निकाले जा रहे हैं। क्या फडणवीस शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से देश की Gen-Z यानी युवा पीढ़ी का भरोसा फिर से जीत पाएंगे? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल सबकी नजरें दिल्ली में होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों पर टिकी हैं।

गत कुछ महिनों से महाराष्ट्र की राजनीती में चर्चाए वैसे भी तेज है कि देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में लेकर जाएंगे और महाराष्ट्र में कीसी और को कमान सौपी जाएगी। अब धर्मेंद्र प्रधान की जगह खाली है और उसे भरने के लिये योग्य। सबसे अधिक भाजपा और आरएसएस के गढ‍़ से निकला बेदाग नेता देवेंद्र फडणवीस को देखा जा रहा है। और अचानक फडणवीस को दिल्ली भी बुलाया गया है जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है इस प्रकार रोचक खबर बनाए 350 से अधिक शब्दों में

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com