

Maharashtra MLC Elections Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। महाविकास आघाड़ी (मविआ) द्वारा कुछ उम्मीदवारों की अंतिम समय में वापसी के बाद विपक्ष ने "सौदेबाजी" के आरोप लगाए हैं। इसी मुद्दे पर एनसीपी (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने दावा किया था कि चुनाव प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पैसे का खेल होता है और इसे रोकने के लिए वे संसद में विधेयक लाने की बात कह चुकी हैं।
अब इन आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि लोगों को पैसों से नहीं, बल्कि प्यार और विश्वास से जीता जा सकता है। नवी मुंबई में फडणवीस ने कहा कि यदि यह समझ आ जाए तो ऐसे किसी विधेयक की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है और यदि इस विषय पर कोई विधेयक लाया जाता है तो उसे उनका समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था में आवश्यक सुधार होना चाहिए, लेकिन इसे लेकर संतुलित और
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोकण विधान परिषद क्षेत्र से जुड़ी राजनीतिक हलचलों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट के उम्मीदवार बाल माने के चुनाव से हटने के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा है। इस पर उन्होंने कहा कि बाल माने पहले से ही पार्टी से जुड़े रहे हैं और अंतिम निर्णय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में भी उस निर्णय का सम्मान करेंगे।
सुप्रिया सुले ने इससे पहले भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि हालिया चुनावों में सौदेबाजी की घटनाएं बढ़ रही हैं और विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। महाविकास आघाड़ी को 'माघार आघाड़ी' कहकर मजाक उड़ाया जा रहा है। सुले ने कहा था कि भाजपा उन्हें बोलने पर मजबूर न करे और वे अपनी संयमित भाषा के कारण कई बातें सार्वजनिक रूप से नहीं कह रही हैं।
विधान परिषद चुनावों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच महाराष्ट्र की राजनीति लगातार गरमाती जा रही है। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और अधिक तीव्र बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।