विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Devendra Fadnavis Vidhansabha Speech: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा किए गए निवेश समझौतों पर राजनीति गरमा गई है। विशेष रूप से लोढा डेवलपर्स के साथ किए गए 1 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) को लेकर विपक्ष के हमलों का मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में करारा जवाब दिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष द्वारा सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे विमर्श को एक ‘पेड टूलकिट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग महाराष्ट्र की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं और जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि लोढा ग्रुप के साथ हुआ समझौता केवल एक रियल एस्टेट डील नहीं है, बल्कि यह महाराष्ट्र को देश का ‘डेटा सेंटर हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विपक्ष ने सवाल उठाया था कि मुंबई स्थित कंपनी के साथ करार करने के लिए दावोस जाने की क्या आवश्यकता थी? इस पर फडणवीस ने कहा कि दावोस एक वैश्विक मंच है जहां दुनिया की नजरें होती हैं, और ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए वैश्विक दृश्यता अनिवार्य है।
सीएम फडणवीस ने विधानसभा में बताया कि यह निवेश आईटी और डेटा सेंटर क्षेत्र में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिषेक लोढा केवल एक मंत्री के पुत्र नहीं हैं, बल्कि देश के एक प्रतिष्ठित उद्योजक हैं। इस समझौते के तहत 1.50 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने आगे विस्तार से समझाया कि लोढा ग्रुप का मुख्य काम जमीन, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जबकि इसमें 80 प्रतिशत निवेश विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के रूप में होगा। दुनिया की चार बड़ी कंपनियां अमेजन, एसटीटी, माइक्रोसॉफ्ट, एनटीटी इस प्रोजेक्ट के जरिए महाराष्ट्र में अपना डेटा सेंटर स्थापित करेंगी।
At Davos, MoUs were signed with some of the world’s leading data center companies… दावोसमध्ये जगातील मोठ्या डेटा सेंटर कंपन्यांसोबत करार… (विधानसभा, मुंबई | दि. 26 फेब्रुवारी 2026)#Maharashtra #Mumbai #MahaBudget2026 pic.twitter.com/nhNBjFE1aZ — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) February 26, 2026
विधानसभा में दावोस दौरे काे लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस साल महाराष्ट्र ने कुल 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे आने वाले समय में राज्य में लगभग 40 लाख नौकरियों के सृजन की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल के 75% समझौते पहले ही धरातल पर उतर चुके हैं। इस वर्ष के निवेश में ग्रीन एनर्जी, एआई, स्टील निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे ‘सनराइज सेक्टर्स’ पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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फडणवीस ने अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य मुंबई को एक ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ मॉडल के रूप में विकसित करना और राज्य के हर कोने, चाहे वह विदर्भ हो या मराठवाड़ा, तक विकास की लहर पहुंचाना है। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे राज्य के विकास में रोड़ा अटकाने के बजाय सकारात्मक राजनीति करें।