महाराष्ट्र को 2030 तक No.1 बनाने की तैयारी, सह्याद्री में CM देवेंद्र फडणवीस ने ली वॉर रूम समीक्षा बैठक

Devendra Fadnavis War Room: CM देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सोशल सेक्टर वॉर रूम की समीक्षा बैठक। 2030 तक महाराष्ट्र को SDG इंडेक्स में नंबर-1 बनाने का लक्ष्य, अधिकारियों का तय होगा KPI।
devendra fadnavis chairs war room meeting to make maharashtra no 1 by 2030
वॉर रूम मीटिंग की फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Devendra Fadnavis Chairs War Room Meeting: महाराष्ट्र को विकास के हर मोर्चे पर देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा कदम उठाया है। 23 जुलाई 2026 को मुंबई स्थित सह्याद्री गेस्ट हाउस में दोपहर 2:25 बजे मुख्यमंत्री ने सोशल सेक्टर वॉर रूम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों इंडिया इंडेक्स में महाराष्ट्र के प्रदर्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले चार साल महाराष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि हमें 2030 तक के वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आगामी चार वर्षों के लिए विभाग-वार और परिणाम-आधारित योजनाएं अपनाएं। फडणवीस का संकल्प है कि महाराष्ट्र को देश के सभी SDG संकेतकों में नंबर-1 स्थान पर पहुंचाया जाए।

जमीनी स्तर पर बदलाव की तैयारी

विकास को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर उसे राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष रणनीति साझा की। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के 10 आकांक्षी जिलों और 177 आकांक्षी तहसीलों में विकास की गति को तेज किया जाए। इतना ही नहीं, सरकार की भविष्य की बजटीय योजनाएं भी अब इन सतत विकास लक्ष्यों के साथ पूरी तरह तालमेल बिठाकर तैयार की जाएंगी।

अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय

प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नीति आयोग का SDG इंडेक्स अब महाराष्ट्र के विकास नियोजन का मार्गदर्शक ढांचा होगा। अब से हर तीन महीने में इन लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी अधिकारियों की कार्यक्षमता के मूल्यांकन के लिए SDG प्रदर्शन को एक अनिवार्य की परफॉर्मेंस इंडिकेटर बनाया जाएगा। इसका अर्थ है कि अधिकारियों की पदोन्नति और मूल्यांकन में उनके क्षेत्र के विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की अहम भूमिका होगी।

डेटा और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर जोर

मुख्यमंत्री ने विभागों को अन्य अग्रणी राज्यों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम पद्धतियों का अध्ययन करने का सुझाव दिया। उन्होंने एक मजबूत रियल-टाइम डेटा संग्रह प्रणाली बनाने और डेटा में मौजूद कमियों को दूर करने पर जोर दिया ताकि निरंतर निगरानी और समय पर सुधार संभव हो सके।

आउटपुट नहीं, आउटकम पर फोकस

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रशासन को एक नया मंत्र दिया गवर्नेंस केवल आउटपुट मापने के बारे में नहीं, बल्कि आउटकम और प्रभाव पर केंद्रित होनी चाहिए'। उन्होंने जोर दिया कि हर सरकारी हस्तक्षेप का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उसने स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में लोगों के जीवन में कितना मापने योग्य सुधार लाया है। इस उच्च स्तरीय बैठक में सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जो मुख्यमंत्री के इस महत्वाकांक्षी विजन को धरातल पर उतारने के लिए तैयार हैं।

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