

Youth Awareness Campaign: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। नवी मुंबई पुलिस के ‘नशामुक्त नवी मुंबई’ अभियान के तहत कॉलेज विद्यार्थियों में नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए शनिवार को ‘कैंपस कनेक्ट’ विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। नेरुल स्थित डी. वाय. पाटील यूनिवर्सिटीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी में नशीले पदार्थों का बढ़ता आकर्षण गंभीर सामाजिक, शारीरिक और मानसिक समस्याओं को जन्म दे रहा है। कॉलेज परिसर युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण चरण होता है। ऐसे में विद्यार्थियों तक सीधे पहुंचकर उन्हें सही जानकारी और जागरूकता देना ‘कैंपस कनेक्ट’ अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
फडणवीस ने भारत के ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा शक्ति है और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को खत्म करने के साथ-साथ मांग को भी कम करना जरूरी है। इसके लिए 360 डिग्री दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर वन मंत्री गणेश नाईक, रोजगार गारंटी एवं बागवानी मंत्री तथा रायगढ़ के पालकमंत्री भरत गोगावले, विधायक मंदाताई म्हात्रे, महेश बालदी, रवींद्र फाटक और विक्रम पाटील सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नवी मुंबई पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे, नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त कैलास शिंदे, ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ और अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ‘से नो टू ड्रग्स’ का संदेश देते हुए कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक परिसर नशे के खिलाफ लड़ाई का केंद्र बने और हर विद्यार्थी इस अभियान का सैनिक बने। उन्होंने आश्वासन दिया कि नशे की लत से जूझ रहे विद्यार्थियों के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम में नशामुक्ति पुनर्वास केंद्र और नशामुक्ति पर आधारित फिल्म का लोकार्पण भी किया गया। जागरूकता पोस्टर और रील प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री ने प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान पुलिस, महानगरपालिका, नागरिकों और युवाओं ने मिलकर नवी मुंबई को नशामुक्त और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया।