मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सेार्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के चर्चित स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस घिनौने अपराध की पीड़िताओं की निजता सर्वोपरि है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो कोई भी सोशल मीडिया या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पीड़िताओं के अश्लील वीडियो प्रसारित करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, बाबा खरात के चंगुल से छूटी कई और पीड़ित महिलाएं अब अपनी चुप्पी तोड़ रही हैं। सीएम ने कहा, “खरात मामले में कई और पीड़िताएं सामने आ रही हैं। हम जल्द ही कुछ और नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने जा रहे हैं।” सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए।
बता दें कि अशोक खरात को 18 मार्च को एक महिला के साथ पिछले तीन वर्षों से बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच के दौरान बाबा के मोबाइल और अन्य उपकरणों से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं, जो महिलाओं के यौन शोषण की गवाही देते हैं। इन वीडियो के लीक होने के बाद ही सरकार ने आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। वर्तमान में SIT खरात से जुड़े कम से कम छह संगीन मामलों की परतें खंगाल रही है। इन मामलों में न केवल दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग शामिल है, बल्कि बाबा पर नर बलि की साजिश रचने और काला जादू (अंधश्रद्धा) जैसे बेहद गंभीर आरोप भी लगे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काले साम्राज्य में और कौन-कौन शामिल था।