डीसीएम शिंदे मराठी वोटरों को जोड़ने में जुटे, लोकाधिकार समिति का पुनर्निर्माण 9 अक्टूबर से

BMC Elections: उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने मराठी वोटरों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने लोकाधिकार समिति को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है।
डीसीएम शिंदे (pic credit; social media)
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DCM Shinde Connect With Marathi Voters:  बीएमसी चुनाव करीब आने के साथ ही उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने मराठी वोटरों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने अपनी सबसे पुरानी संगठनात्मक शाखा, ‘स्थानीय लोकाधिकार समिती महासंघ’ को पुनर्जीवित करने का फैसला किया है।

इस पुनर्निर्मित निकाय का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सुनिश्चित करना है। साथ ही यह शाखा स्थानीय मुद्दों को उठाने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम भी करेगी।

नई शाखा का औपचारिक शुभारंभ 9 अक्टूबर को बिरला मातोश्री सभागृह में किया जाएगा। इस अवसर पर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और स्थानीय संगठन से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

डीसीएम शिंदे ने पुनर्गठित लोकाधिकार समिति की जिम्मेदारी अविभाजित शिवसेना की एसएलएसएम के प्रमुख रहे पूर्व सांसद गजानन कीर्तिकर को सौंपने का निर्णय लियाहै। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी इस शाखा के माध्यम से मराठी समुदाय और युवाओं के साथ सीधे संपर्क बनाए रखना चाहती है।

शिवसेना के नेताओं का कहना है कि इस शाखा के पुनर्निर्माण से पार्टी को बीएमसी चुनाव में जमीन पर मजबूती मिलेगी। एक वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ता ने कहा, “यह कदम संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए जरूरी था। डीसीएम शिंदे खुद इस काम में सक्रिय हैं।”

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लोकाधिकार समिति का पुनर्गठन शिंदे गुट की रणनीति का हिस्सा है, ताकि चुनाव से पहले मराठी वोटर आधार को और मजबूती दी जा सके।

शिवसेना का यह कदम स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है। मुंबई में बीएमसी चुनाव के नजदीक आते ही डीसीएम शिंदे की सक्रियता और संगठनात्मक कदमों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

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