Mumbai: बीएमसी चुनाव से पहले यूबीटी गुट को लगा 440 वॉट का झटका, दगडू सकपाल शिंदे शिवसेना में शामिल
Maharashtra News: बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दगडू सकपाल सैकड़ों समर्थकों के साथ एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
एकनाथ शिंदे और दगडू सपकाल (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे गुट को लगातार झटके लगते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दगडू सकपाल रविवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए।
शिंदे का उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला
इस मौके पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जिन निष्ठावान शिवसैनिकों को अपना साथी मानते थे, आज कुछ लोग उन्हें नौकर समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना को मजबूत करने के लिए जिन कार्यकर्ताओं ने जेल की सजा काटी, जिन पर सैकड़ों मुकदमे दर्ज हुए, उन्हीं कार्यकर्ताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
दगडू सकपाल की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण: शिंदे
शिंदे ने कहा कि दगडू सकपाल ने साढ़े तीन साल जेल में बिताए, इसके बावजूद उनकी उपेक्षा की गई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसे संघर्षशील और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का सम्मान होना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
बिना कोर्ट आर्डर फोन की जांच और अवैध हिरासत, महाराष्ट्र कांग्रेस ने DGP को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
छात्रों के समर्थन में आई करीना कपूर और सारा अली खान, बोलीं- युवाओं की आवाज सुनना हमारी जिम्मेदारी
कोंकण रेलवे पर 5 घंटे का रहेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक, मडगांव स्टेशन पर 24 जुलाई को 3 प्लेटफॉर्म रहेगें बंद
हार की हताशा में राहुल गांधी कर रहे षड्यंत्र… BJP विधायक संजय उपाध्याय का कांग्रेस पर बड़ा हमला
📍मुंबई
उबाठा गटाचे ज्येष्ठ नेते, माजी आमदार श्री दगडूदादा सकपाळ यांचा शिवसेना पक्षप्रवेश सोहळा pic.twitter.com/ER2EGsfMLA — Eknath Shinde – एकनाथ शिंदे (@mieknathshinde) January 11, 2026
ये भी पढ़ें :- BMC Election से पहले बेस्ट कर्मचारियों का सात सूत्रीय मांग-पत्र, निजीकरण रद्द करो, बस बेड़ा बढ़ाओ
लालबाग-परेल में यूबीटी को नुकसान
दगडू सकपाल के शिवसेना में शामिल होने से लालबाग-परेल जैसे पारंपरिक शिवसेना प्रभाव वाले इलाके में ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर इससे यूबीटी गुट की संगठनात्मक स्थिति कमजोर होने की चर्चा तेज हो गई है।
