

Cooper Hospital Mumbai Dedicated Chemotherapy Center: मुंबई में कैंसर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीएमसी ने मरीजों को उनके घर के नजदीक उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है। इसी के तहत कूपर अस्पताल में अलग कीमोथेरेपी उपचार केंद्र शुरू किया गया है। इस सुविधा से पश्चिमी उपनगरों के अलावा वसई, विरार और पालघर से आने वाले मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
पश्चिमी उपनगरों के कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी जैसे उपचार के लिए अब तक टाटा अस्पताल जाना पड़ता था। कीमोथेरेपी के बाद मरीजों को शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में बार-बार लंबी दूरी तय करना मरीजों और उनके परिजनों के लिए मुश्किल होता है। इसी परेशानी को देखते हुए कूपर अस्पताल में यह सुविधा शुरू की जा रही है। कूपर अस्पताल की मुख्य इमारत के 'सी' विंग की चौथी मंजिल पर केंद्र तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल बिजली व्यवस्था, चिकित्सकों के कमरे और मरीजों के लिए बिस्तर लगाने का काम चल रहा है।
इस केंद्र के लिए कैसर विशेषज्ञ डॉ. श्रेया गट्टानी की नियुक्ति की गई है। करीब एक महीने पहले कैसर मरीजों के लिए अलग बाहा रोगी विभाग भी शुरू किया गया है। यह विभाग हर मंगलवार दोपहर 1.30 बजे संचालित होता है।
अब तक 11 मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके है। इनमें से एक मरीज की कीमोथेरेपी शुरू हो चुकी है, जबकि अन्य 10 मरीजों की जांच और परामर्श जारी है। कैसर के इलाज का खर्च काफी अधिक होता है।
कीमोथेरेपी के एक चक्र पर करीब 20 से 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। मुंबई मरीजों को कई चक्र कराने पड़ते हैं। खर्च लाखों रुपये तक पहुंच जाता है। मरीजों पर आर्थिक बोझ न पड़े, बुधानी ट्रस्ट ने उपचार में मदद की पहल की है। इससे मरीजों को कीमोथेरेपी का उपचार बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराने की तैयारी है।