

BMC Xray Machine Procurement Delay: बीएमसी द्वारा संचालित कूपर और सायन अस्पतालों के लिए जरूरी एक्स-रे मशीनों की खरीद में करीब दो साल की देरी को लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त विपिन शर्मा की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। विधायक ने इस संबंध में मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर मामले की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया है।
रईस शेख के अनुसार, दोनों अस्पतालों के लिए दो एक्स-रे मशीनों की अनुमानित लागत करीब 3 करोड़ रुपये थी। निविदा प्रक्रिया में जापानी कंपनी ‘कोनिका मिनोल्टा’ ने हिस्सा लिया था। तत्कालीन अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की मंजूरी के बाद कंपनी की दर-निविदा खोली गई, जो अनुमानित लागत से करीब 19 प्रतिशत कम थी।
विधायक का आरोप है कि फाइल जब ‘डीएल’ प्रक्रिया के लिए भेजी गई, तब अतिरिक्त आयुक्त ने निविदा रद्द करने के निर्देश दिए। इसके चलते बिना किसी ठोस और समर्थनीय कारण के जरूरी चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया रोक दी गई और मामला लंबा खिंचता चला गया।
शेख ने निविदा प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में एनेस्थीसिया वर्कस्टेशन की खरीद के लिए चीनी कंपनी ‘माइंड्रे’ की एकमात्र निविदा को मंजूरी दी गई और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। ऐसे में जापानी कंपनी की एकल निविदा को रद्द करने के फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी कंपनी को अनुकूलता दिखाई गई, जबकि जापानी कंपनी को अनुचित तरीके से निशाना बनाया गया।
विधायक ने सायन और कूपर अस्पतालों के रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुखों तथा अधिष्ठाताओं की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उनके मुताबिक, आपातकालीन और ट्रॉमा मामलों, बाल रोग विभाग, ऑपरेशन थिएटर तथा आईसीयू में एक्स-रे मशीनों की तत्काल आवश्यकता है।
रईस शेख ने कहा कि उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को जांच और इलाज में देरी का सामना करना पड़ रहा है तथा कई मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि मुंबई शहर की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है।