Jamner में चुनाव आयोग पर सवाल, MVA उम्मीदवार का फॉर्म खारिज होने से हंगामा

Jamner नगराध्यक्ष पद पर साधना महाजन की निर्विरोध जीत पर महाविकास आघाड़ी ने आपत्ति जताई है। MVA का आरोप है कि नियम बदलाव के कारण उनकी उम्मीदवार का नामांकन खारिज हुआ, मामला अब हाई कोर्ट जाएगा।
Jamner Nagar Parishad
जामनेर नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Nikaay Chunaav: जलगांव जिले की जामनेर नगर परिषद के नगराध्यक्ष पद पर मंत्री गिरीश महाजन की पत्नी साधना निर्विरोध चुनी गई थी। लेकिन अब यह मामला विवादों में घिर गया है। उनके चुनाव पर आपत्ति जताई गई है और महाविकास आघाड़ी ने हाई कोर्ट में जाने का फैसला किया है।

निकाय चुनावों में भाजपा का निर्विरोध पैटर्न हावी है। भाजपा का दावा है कि उसके अब तक 3 नगाराध्यक्ष और 100 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं। कुछ जगहों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है।

इस बीच जलगांव के जामनेर नगर परिषद में नगराध्यक्ष पद के लिए बिन विरोध चुनी गई साधना महाजन के चुनाव पर महाविकास आघाड़ी ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि राज्य चुनाव आयोग की ओर से अचानक किए गए बदलाव के कारण महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार ज्योत्सना विस्पुते का आवेदन खारिज कर दिया गया।

हमारे नेताओं का नामांकन किया गया रद्द : MVA

एनसीपी (एसपी) के नेता दिलीप खोडपे और उम्मीदवार ज्योत्सना विस्पुले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये आरोप लगाए है। महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने बताया कि हमारे उम्मीदवार का नामांकन एलिजिबल होने के बावजूद रिजेक्ट कर दिया गया। अचानक चुनाव आयोग ने अपना आदेश बदल दिया और नॉमिनेशन फॉर्म में एक नॉमिनेटर के बजाय पाच नॉमिनेटर के नाम देना जरूरी कर दिया।

नियमों में किए गए बदलाव की वजह से राज्य में कई उम्मीदवारों के एप्लीकेशन इनएलिजिबल हो गए है। मविआ उम्मीदवार ज्योत्सना विस्मुते ने भांग की है कि 18 नवंबर का ऑर्डर तुरंत कैसल किया जाए और 17 नवंबर का ऑर्डर रिस्टोर किया जाए। उन्होंने बताया कि वह हाई कोर्ट की छत्रपति संभाजीनगर पीठ में याचिका दायर करेंगी।

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