कांग्रेस-राकां विलय की अटकलों से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई, शशिकांत शिंदे ने किया खंडन

Congress NCP Sharad Pawar Merger: कांग्रेस और शरद पवार गुट की राकां के संभावित विलय को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि राकां ने ऐसे किसी प्रस्ताव से इनकार किया है।
Congress NCP Sharad Pawar Merger News
नाना पटोले और शरद पवार (सौ. डिजाइन फोटो )
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Congress NCP Sharad Pawar Merger News: हाल के विधानसभा चुनाव में मात खाने के बाद अब कांग्रेस, क्षेत्रीय दलों को कथित रूप से विलय का ऑफर दे रही है। अभी कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी के विलय की चर्चा खत्म भी नहीं हुई थी कि कांग्रेस और शरद पवार की राकों के विलय को लेकर भी घमासान मचा हुआ है।

ऐसी रिपोर्ट है कि महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने इस मुद्दे को लेकर दिल्ली में पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ मंधन किया है। हालांकि राकां के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कांग्रेस के साथ विलय की चर्चाओं को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस की ओर से विलय का कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है और न ही हमारी ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है। मीडिया से बात करते हुए शिंदे ने कहा कि अगर ऐसा कोई प्रस्ताव आया होता तो पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को इसकी जानकारी दी गई होती।

फिलहाल पार्टी स्तर पर ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। शरद पवार की उपस्थिति में गुरुवार को सिल्वर ओक आवास पर पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। शिंदे ने कहा कि इस बैठक में भी कांग्रेस में विलय के किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हुई।

सेक्युलर सोच वाली पार्टियों को एक साथ आना चाहिए

  • महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने शुक्रवार को कहा कि टीएमसी और राकां शरद पवार गुट जैसी सेक्युलर पार्टियों कांग्रेस हमारी पार्टी में विलय की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और इस बारे में नेशनल लेवल पर एक प्रोसेस शुरू हो गया है।
  • उन्होंने यह भी दावा किया कि शरद पवार की पार्टी ने पहले कांग्रेस के साथ मर्जर का प्रपोजल दिया था, लेकिन किसी वजह से यह संभव नहीं हो सका।
  • उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि देश की पॉलिटिक्स में अभी जो हो रहा है और देश के संवैधानिक ढांचे को कमजोर कर रहा है। ऐसे समय में जब वोट का काफी बंटवारा हो रहा है। इसे रोकने के लिए सेक्युलर सोच वाली सभी पार्टियों को एक साथ आना चाहिए।

संजय राऊत ने भी की विलय की सिफारिश

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राऊत ने कहा है कि राकां प्रेसिडेंट शरद पवार को कांग्रेस से अलग होकर बनी छोटी पार्टियों को वापस पुरानी पार्टी में विलय करने की दिशा में लीड लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेसी विचारधारा से जुड़े दल एकजुट हो जाती है तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। राऊत ने कहा कि इन सभी दलों को एकजुट करने में शरद पवार को पहल करनी चाहिए।

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