कर्जमाफी की मांग पर रोहित पवार का अन्न-त्याग आंदोलन शुरू, सरकार पर बढ़ाया दबाव

Rohit Pawar Hunger Protest: राकां (एसपी) विधायक रोहित पवार ने किसानों के लिए बिना शर्त कर्जमाफी की मांग को लेकर पंढरपुर में अन्न-त्याग आंदोलन शुरू किया है।
Rohit Pawar Hunger Protest News
रोहित पवार भूख हड़ताल (सौ. सोशल मीडिया )
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Rohit Pawar Hunger Protest News: महाराष्ट्र सरकार द्वारा घोषित किसान कर्जमाफी योजना की शर्तों के विरोध में राकां (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार से पंढरपुर में अन्न-त्याग आंदोलन शुरू किया है। किसानों के हितों की रक्षा और बिना शर्त एकमुश्त कर्जमाफी की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन के जरिए उन्होंने सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है।

रोहित ने कहा कि संविधान के तहत किसानों के लिए आंदोलन करना उनका अधिकार है। 2019 की कर्जमाफी योजना में लगाई गई 50,000 रुपये की सीमा समाप्त कर सभी पात्र किसानों को 2 लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी जाए। 2017 से लंबित किसानों के मामलों का निपटारा, 1 रुपये वाली फसल बीमा योजना की पुनर्बहाली और बुवाई से पहले कर्ज पुनर्गठन की मांग भी उठाई गई।

राकां के प्रमुख नेता रहे दूर

हालांकि आंदोलन को राज्यव्यापी स्वरूप देने की कोशिश के बावजूद अपेक्षित जनसमर्थन नहीं दिखा। पंढरपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच आंदोलन स्थल पर मुख्य रूप से रोहित पवार के समर्थक ही नजर आए। राकां के कई प्रमुख नेता भी कार्यक्रम से दूर रहे जिससे आंदोलन की राजनीतिक ताकत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

जयकुमार गोरे से जुबानी जंग

आंदोलन के दौरान रोहित ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। तो वहीं पालक मंत्री जयकुमार गोरे की आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है। गोरे ने रोहित के आंदोलन को 'पूतना मौसी' का प्यार करार दिया है। इस घटनाक्रम ने किसान कर्जमाफी और कृषि नीतियों को लेकर राज्य की राजनीति को फिर गरमा दिया है।

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