CM फडणवीस ने अधिकारियों को लताड़ा! मंत्रियों के बंगले पर फिजूलखर्ची पर लगाई लगाम
Devendra Fadnavis: मंत्रियों के सरकारी बंगले के नवीनीकरण पर बढ़ते विवाद के बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनावश्यक खर्च रोकने के निर्देश दिए और एक करोड़ का टेंडर घटाकर 35 लाख किया।
- Written By: आकाश मसने
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
CM Fadnavis Reprimanded Officials: महाराष्ट्र के मंत्रियों के सरकारी बंगले के नवीनीकरण खर्च को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सख्त तेवर अपनाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने की हिदायत दी है।
मंत्रियों के मुंबई और नागपुर स्थित सरकारी निवास स्थानों के नूतनीकरण और मरम्मत खर्च को लेकर विवाद बढ़ने पर सीएम फडणवीस ने इसकी गंभीर दखल ली है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नागपुर में मंत्रियों के बंगलों पर अनावश्यक खर्च नहीं होगा।
पूर्व में लगभग एक करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, जिसे अब घटाकर 35 लाख रुपये तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से इस खर्च की विस्तृत समीक्षा करने और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
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मंत्रियों के सरकारी बंगले
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) विधायक रोहित पवार ने सतर्कता व गुणवत्ता नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्रियों के सरकारी बंगले के मरम्मत और फर्नीचर की खरीद में करोड़ो रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया था।
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इस संबंध में पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की थी। इस मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद सीएम फडणवीस ने सख्खी बरती है।
गडकरी ने भी अधिकारियों को दी सख्त सलाह
इधर राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने चिर परिचित विनोदी अंदाज में अधिकारियों को जमकर हंसी-मजाक के साथ सलाह दी। गडकरी ने कहा कि सरकारी अधिकारी फाइलों से अपनी पत्नी से भी ज्यादा प्यार करते हैं।
एक बार मैंने एक अधिकारी से पूछा था कि आप पत्नी से प्यार करते हैं, ठीक है लेकिन फाइलों से उससे भी ज्यादा क्यों करते हैं? एक बार फाइल आती है तो उसे दबाकर रख देते हैं। अगर मंजूर करनी है तो करें, नामंजूर करनी है तो करें, लेकिन कुछ तो निर्णय लें। फाइलों को यूं ही रोककर रखने से क्या फायदा।
