

Western Railway Safety Upgrade: पश्चिम रेलवे अपने दो सबसे व्यस्त टर्मिनल चर्चगेट और मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सौ साल पुराने हाइड्रोलिक बफर स्टॉप को आधुनिक हाई-कैपेसिटी सिस्टम से बदलेगी। रेलवे ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत चार डेड-एंड प्लेटफॉर्म पर नए बफर लगाए जाएंगे।
आरडीएसओ के नवीनतम मानकों पर आधारित यह अपग्रेड 15 किमी प्रति घंटे तक की गति से आने वाली ट्रेनों के प्रभाव को सुरक्षित रूप से झेलने में सक्षम होगा, जिससे ट्रेनों और स्टेशन के ढांचे को नुकसान का खतरा काफी कम हो जाएगा।
पश्चिम रेलवे चर्चगेट स्टेशन के प्लेटफॉर्म 1, 2 और 4 और मुंबई सेंट्रल के प्लेटफॉर्म 4 पर चार नए बफर सेट स्थापित करेगी। इस परियोजना में डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग सहित पूरा कार्य टर्नकी आधार पर किया जाएगा। कुल 8 हाइड्रोलिक बफर लगाए जाएंगे।
पश्चिम रेलवे अधिकारियों के अनुसार मौजूदा बफर वर्ष 1906 से 1958 के बीच लगाए गए थे। लंबे समय से उपयोग में रहने के कारण ये अब जर्जर हो चुके हैं और इनकी मरम्मत आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रही, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर इसे बदला जा रहा है।
नवंबर 2024 में जारी आरडीएसओ के नए मानकों के अनुरूप लगाए जाने वाले ये बफर लगभग 1,300 टन वजनी पूरी तरह भरी यात्री ट्रेन को 15 किमी प्रति घंटे की गति से बिना किसी संरचनात्मक क्षति के सुरक्षित रूप से रोक सकेंगे। ये सेंटर बफर कपलर और पारंपरिक साइड-बफर दोनों प्रकार की ट्रेनों के अनुकूल होंगे।
मुंबई रेलवे के अनुसार नए हाइड्रोलिक बफर कम से कम 20 वर्ष तक प्रभावी रहेंगे और सामान्य परिस्थितियों में 36 महीने तक बड़े रखरखाव की आवश्यकता नहीं होगी। मुंबई के तटीय मौसम को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इन बफरों पर उच्च दृश्यता वाला लाल और सफेद परावर्तक पेट भी लगाया जाएगा, जिससे सुरक्षा और पहचान दोनों बेहतर होंगी। इस परियोजना से पश्चिमी रेलवे के दोनों प्रमुख टर्मिनलों का सुरक्षा ढांचा और अधिक मजबूत होगा।