

Abhijeet Dipke On BJP Offer: छात्र आंदोलन के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से बड़ा खुलासा करते हुए कॉकरॉच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उन्हें भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। प्रस्ताव ठुकराने पर उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं। दीपके ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पोते की उम्र के हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दबाव में लाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान उन पर लगातार दबाव बनाया गया। छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए दीपके ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कथित रूप से धमकियों का दौर शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक पद के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए था।
दीपके ने आरोप लगाया कि धमकियां केवल उनके तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनके माता-पिता को भी निशाना बनाया गया। उनके पिता ने भी दावा किया कि एक वीडियो के माध्यम से परिवार को धमकी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा की चिंता के चलते परिवार को कुछ समय के लिए घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ा।
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का कहना है कि आंदोलन के दौरान छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन देशभर के विद्यार्थियों के समर्थन से आंदोलन मजबूत होता गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की एकजुटता के कारण सरकार पर दबाव बना और उनकी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया।
काॅकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके के इन आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है। उनके दावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
- नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट