Census 2026: महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक; जिला परिषद और शिक्षकों में नाराजगी
Mumbai Revenue Department: जनगणना 2026 के राष्ट्रीय कार्य को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने जिला परिषद के ग्रुप C, D कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादलों पर रोक लगा दी है। इससे कर्मचारियों में असंतोष है।
Maharashtra Government News: आगामी जनगणना 2026 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। जनगणना के राष्ट्रीय कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए सरकार ने राज्य में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है। इस फैसले के तहत सभी जिला परिषदों में ग्रुपसी और ग्रुपडी संवर्ग के कर्मचारियों के साथसाथ शिक्षकों के 2026 के सामान्य तबादलों को स्थगित कर दिया गया है। इससे शिक्षकों में असंतोष और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
सरकारी आदेश जारीइस निर्णय को लागू करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने आधिकारिक परिपत्र जारी किया है और इसे सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, तबादलों पर रोक का यह फैसला केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बाद लिया गया है। केंद्रीय गृह सचिव ने 11 मार्च 2026 को राज्य सरकार को भेजे पत्र में कहा था कि जनगणना कार्य में शिक्षक, राजस्व और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जनगणना कार्य पर असर की आशंकाकेंद्र सरकार ने चेतावनी दी थी कि जनगणना के बीच बड़े पैमाने पर तबादले होने से इस राष्ट्रीय कार्य में गंभीर प्रशासनिक बाधाएं आ सकती हैं।
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इसी कारण यह रोक लगाई गई है। 2026 की जनगणना के कार्यक्रम के अनुसार, 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिकों के लिए स्वगणना का समय रहेगा। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक जनगणना का पहला चरण प्रत्यक्ष रूप से पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए राज्य में लगभग 2 लाख 64 हजार गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक डिजिटल माध्यम से घरघर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
शिक्षकों में नाराजगीसरकार के इस फैसले से शिक्षकों में नाराजगी देखी जा रही है। हर साल अप्रैलमे में जिला परिषद कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादले होते हैं। कई शिक्षक अपने मूल गांव या सुविधाजनक स्थान पर तबादला पाने की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस बार प्रक्रिया स्थगित होने से लाखों कर्मचारियों की व्यक्तिगत योजनाओं और अपेक्षाओं पर असर पड़ा है।
