मुंबई: Proton Therapy से बच्चों सहित 1,000 कैंसर मरीजों को मिली नई जिंदगी, टाटा मेमोरियल ने रचा कीर्तिमान

Kharghar Proton Therapy: टाटा मेमोरियल के खारघर प्रोटॉन थेरेपी केंद्र ने तीन साल से कम समय में 1,000 कैंसर मरीजों का सफल इलाज किया। आधे मरीज बच्चे हैं, कई का इलाज निःशुल्क हुआ।
TATA Memorial Kharghar Proton Therapy 1000 Cancer Patients Treated
टाटा मेमोरियल सेंटर में सफल इलाज (सोर्स:AI)
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TATA Memorial Kharghar Proton Therapy: टाटा मेमोरियल सेंटर के खारघर स्थित प्रोटॉन थेरेपी केंद्र ने कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए तीन वर्ष से भी कम समय में 1,000 मरीजों का सफल इलाज पूरा करते हुए नई जिंदगी दिया है। जून के पहले सप्ताह में दर्ज इस उपलब्धि ने देश में अत्याधुनिक कैंसर उपचार की बढ़ती पहुंच को नई पहचान दी है।

अबतक इलाज के बाद नहीं आया दोबारा कैंसर होने का केस

केंद्र के अनुसार उपचार पाने वाले मरीजों में लगभग आधे बच्चे हैं और अब तक उपचारित किसी भी मरीज में कैंसर दोबारा उभरने की पुष्टि नहीं हुई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बड़ी राहत मिली है, क्योंकि 60 प्रतिशत से अधिक मरीजों का इलाज रियायती दरों पर और करीब 30 प्रतिशत मरीजों का उपचार रोगी कल्याण निधि व सीएसआर के सहयोग से निःशुल्क किया गया।

15 अगस्त 2023 को शुरू हुई यह सुविधा प्रोटॉन थेरेपी जैसी अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, जो कैंसरग्रस्त हिस्से पर सटीक विकिरण पहुंचाती है और आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचाती है। यही कारण है कि यह तकनीक विशेष रूप से बच्चों और जटिल कैंसर के मरीजों के लिए अधिक प्रभावी और सुरक्षित मानी जाती है।

केंन्द्र में उपलब्ध व्यवस्था

केंद्र में अब तक मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के ट्यूमर, हड्डी के कैंसर, सिर व गर्दन के कैंसर के अलावा स्तन, प्रोस्टेट, स्त्री रोग और जठरांत्र संबंधी कैंसर के मरीजों का उपचार किया जा चुका है। छोटे बच्चों के लिए विशेष एनेस्थीसिया सुविधा और बाल-अनुकूल उपचार व्यवस्था भी यहां उपलब्ध है, जिससे इलाज के दौरान उन्हें बेहतर देखभाल मिलती है।

यह राष्ट्रीय हैड्रॉन बीम थेरेपी सुविधा 11 मई 2023 को नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र भारत में अत्याधुनिक और सुलभ कैंसर उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।

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