मंत्री शेलार की घोषणा, फिल्म सिटी में शुरू होगा ‘फिल्म स्टडी सर्कल’, मराठी सिनेमा को मिलेगी उम्मीद
Mumbai News: दादासाहेब फाल्के फिल्म सिटी में जल्द फिल्म स्टडी सर्कल’ अभियान शुरू होगा । मंत्री आशिष शेलार का कहना है, इससे मराठी फिल्मों को नया प्रोत्साहन और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण सिनेमा मिलेगा।
- Written By: सोनाली चावरे
कैबिनेट मंत्री आशिष शेलार (pic credit; social media)
Film Study Circle at Film City: महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशिष शेलार ने मराठी सिनेमा और दर्शक संस्कृति को नया आयाम देने वाली पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि दादासाहेब फाल्के फिल्म सिटी के माध्यम से जल्द ही ‘फिल्म स्टडी सर्कल’ नामक उपक्रम शुरू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापरक सिनेमा के लिए दर्शक वर्ग का निर्माण करना और पुराने व चर्चित मराठी फिल्मों को फिर से बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना है।
शेलार ने गणेशोत्सव के अवसर पर दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी स्थित पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र शासन का सांस्कृतिक कार्य विभाग और महाराष्ट्र चित्रपट, रंगभूमी व सांस्कृतिक विकास महामंडल मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
सम्बंधित ख़बरें
नीट परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी रोष; पेपर लीक के कारण दोबारा परीक्षा का संकट
गोराई मैंग्रोव पार्क जल्द होगा जनता के लिए खुला, अटल बिहारी वाजपेयी का दिया जाएगा नाम
नागपुर में इंसानियत शर्मसार! घायल युवक से मदद के नाम पर लूट, वाड़ी पुलिस का एक्शन; 3 आरोपी गिरफ्तार
विरार में खौफनाक वारदात! RTI एक्टिविस्ट को माफियाओं ने पत्थरों से कुचलकर मारा, अवैध खदान के खिलाफ की थी शिकायत
गुणवत्ता पर जोर, दर्शक वर्ग तैयार करने पर ध्यान
‘फिल्म स्टडी सर्कल’ के माध्यम से दर्शकों को क्लासिक मराठी फिल्मों का आनंद बड़े पर्दे पर उठाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह पहल एक ऐसे दर्शक वर्ग को तैयार करेगी, जो सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि सिनेमा की गुणवत्ता और संदेश को समझते हुए फिल्में देखने का दृष्टिकोण विकसित करेगा।
मराठी फिल्मों को मिलेगा बड़ा मंच
शेलार ने कहा कि इस उपक्रम के तहत सह्याद्री वाहिनी और महामंडल के संयुक्त प्रयास से उच्च गुणवत्ता वाली मराठी फिल्मों का प्रसारण भी किया जाएगा। इससे मराठी फिल्म उद्योग को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह पहल न केवल सिने-प्रेमियों को क्लासिक मराठी सिनेमा का आनंद देगी, बल्कि एक जागरूक और समर्थ दर्शक वर्ग के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाएगी।
