पनवेल-बोरीवली- वसई लोकल कॉरिडोर को कैबिनेट ने हरी झंडी दी, जल्द शुरू होगा काम
Mumbai News: पनवेल-बोरीवली- वसई लोकल ट्रेन कॉरिडोर को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना से नवी मुंबई और पश्चिम मुंबई के बीच सीधे कनेक्शन मिलेगा।
- Written By: सोनाली चावरे
पनवेल-बोरीवली व वसई कॉरिडोर (pic credit; social media)
Panvel Borivali Vasai local corridor: पनवेल-बोरीवली- वसई लोकल ट्रेन कॉरिडोर परियोजना को कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही काम शुरू होने वाला है। यह परियोजना मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एमयूटीपी) 3 बी के तहत आकार लेगी और पूरी योजना पर लगभग 14,907 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
यह 69.23 किलोमीटर लंबी लोकल ट्रेन सेवा नवी मुंबई को मुंबई के पश्चिमी हिस्सों से सीधे जोड़ने में सक्षम होगी। इस कॉरिडोर के बनने से यात्रियों को पनवेल से कुर्ला या वडाला में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे नवी मुंबई से मुंबई पश्चिम जाने वाले रोज़ाना हजारों यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा और अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
दुबई में नौकरी और शादी का झांसा देकर शिक्षिका से साढ़े पांच लाख की ठगी, धर्म परिवर्तन के लिए दबान का भी आरोप
जिला बैंक चुनाव में बन सकती है सहमति की राह, सभी दल साथ आए तो निर्विरोध चुनाव पर होगी चर्चा: सांसद कल्याण काले
समृद्धि महामार्ग पर गुटखा तस्करी का भंडाफोड़, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 60.80 लाख रुपये का माल किया जब्त
दिल्ली-बिहार अग्निकांड पर ठाकरे गुट ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, जानें सामना के उस संपादकीय में क्या लिखा?
इस परियोजना से भिवंडी, पलावा और शीलफाटा रोड जैसे शहरों और बस्तियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। लूम और पावर उद्योग के लिए मशहूर भिवंडी शहर अब नवी मुंबई और मुंबई पश्चिम से सीधी रेल कनेक्टिविटी पाएगा। पलावा और शीलफाटा रोड पर स्थित रुनवाल सिटी जैसी बड़ी बस्तियों को भी इस लाइन से सीधे बोरीवली, वसई और पनवेल तक पहुँच आसान होगी।
वर्तमान में पश्चिम रेलवे पर केवल एक ही लाइन चल रही है, लेकिन यह नया कॉरिडोर उसी लाइन को प्रभावित किए बिना बनाया जाएगा। इसके निर्माण से न केवल रोज़ाना यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक विकास भी तेज होगा।
परियोजना की पूरी योजना में अत्याधुनिक रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टेशनों का आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं पर ध्यान दिया गया है। इससे मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या और यात्रा का अनुभव दोनों बेहतर होंगे। इस कॉरिडोर के निर्माण से मुंबई के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का समय कम होगा और यातायात की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन में भी सहायक होगी।
