Fake Tatkal Ticket: दलाल धड़ल्ले से बेच रहे फर्जी तत्काल टिकट, विजिलेंस टीम ने की छापेमारी, यात्रियों से भी वसूला जुर्माना
लंबी दूरी की ट्रेनों में रेगुलर और तत्काल टिकट के नाम पर दलालों का फर्जीवाड़ा जारी है। रेलवे के विजिलेंस विभाग ने इस रैकेट को रोकने के लिए छापेमारी की है और यात्रियों से जुर्माना भी वसूला है।
- Written By: आकाश मसने
फर्जी तत्काल टिकट (डिजाइन फोटो)
मुंबई: लंबी दूरी की ट्रेनों में रेगुलर और तत्काल टिकट के नाम पर दलालों का फर्जीवाड़ा जारी है। रेलवे के विजिलेंस विभाग द्वारा नकेल कसे जाने के बावजूद टिकट दलाल दूसरे राज्यों के पीआरएस से तत्काल टिकट निकाल कर यात्रियों को न सिर्फ कई गुना ज्यादा दामों में बेच रहे हैं, बल्कि उन टिकटों की हूबहू प्रिंट कॉपी यात्रियों को थमा दे रहे हैं। मध्य रेल विजिलेंस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार मुंबई से यूपी, बिहार और अन्य हिस्सों में जाने वाली ट्रेनों का तत्काल टिकट दूसरे राज्यों से निकाला जा रहा है।
मध्य रेल की सतर्कता टीम द्वारा लगातार जांच कर फेक टिकट पर यात्रा कर रहे यात्रियों और दलालों पर कार्रवाई की गई है। बताया गया कि मुंबई के बाहर से तत्काल टिकट जारी कर मुंबई में इसी कंफर्म टिकट के पीएनआर को फेक स्टेशनरी पर प्रिंट कर यात्रियों को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।
मुंबई का टिकट आरा से
24 मार्च को ट्रेन नंबर 11055 एलटीटी-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस का टिकट आरा स्टेशन के पीआरएस से निकाला गया टिकट दलाल द्वारा यात्रियों को मुंबई में फेक स्टेशनरी पर प्रिंट कर थमा दिया गया। इसी तरह 26 मार्च को एलटीटी-जयनगर पवन एक्सप्रेस में चार यात्रियों का के लिए जंघई स्टेशन से टिकट दलाल ने निकाला और उसे कलर प्रिंट कराकर यात्रियों को बेच दिया।ऐसे कई मामले रोजाना पकड़े जा रहे हैं। वहीं एक टिकट दलाल ने पश्चिम मध्य रेलवे के गाडरवारा रेलवे स्टेशन से निकाला और मंहगे दामों पर बेचा।
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महिला का टिकट पुरुष को बेचा!
वैसे नियमानुसार रेलवे का आरक्षित टिकट देश के किसी भी पीआरएस से निकाला जा सकता है,लेकिन मुंबई में सक्रिय दलाल दूसरे राज्यों में अपने गुर्गों के माध्यम से अवैध रूप से टिकट निकाल कर यात्रियों को फंसाने का काम कर रहे हैं।
शर्मा नामक एक यात्री ने बताया कि उसे एक दलाल ने 2 महीने बाद का फर्जी टिकट थमा दिया। जब कम्प्यूटर पर पीएनआर डाला गया तो पता चला कि वह आरक्षित टिकट किसी 50 साल की महिला के नाम पर बुक किया गया था। उसने 600 के टिकट के लिए उस यात्री से 2200 रुपए लिए थे। सतर्कता टीम एक ओर जहां नियमानुसार ऐसे यात्रियों से दंड प्रभार वसूल कर रही है वहीं दूसरी ओर टिकट दलालों को पकड़ने के लिए उनके ठिकानों पर छापामारी भी कर रही है।
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रेल प्रशासन ने यात्रियों से की अपील
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि अनधिकृत एजेंटों से टिकट न लें। दूसरे राज्यों के टिकट खिड़कियों से अवैध रूप से रेगुलर या तत्काल टिकट निकालने वाले दलालों और उनका साथ देने वाले रेलवे के बुकिंग क्लर्कों पर भी नकेल कसने का कार्य सतर्कता विभाग कर रहा है।
-मुंबई से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट
