

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबईवासियों के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मशहूर हस्तियों से बिना शुल्क प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने की अपील की।
दिवाली के दौरान जिम्मेदारी से उत्सव मनाने और प्रदूषण पर अंकुश लगाने की जरूरत बताई; अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।
Mumbai Clean Air Campaign: मुंबई में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर बंबई हाई कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि मुंबईवासियों को सांस लेने के लिए स्वच्छ और अच्छी हवा मिलनी चाहिए। इसके लिए मशहूर हस्तियों से अपील की गई है कि वे बिना किसी आर्थिक लाभ की अपेक्षा के स्वेच्छा से पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए आगे आएं।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ सोमवार, 26 अक्टूबर को शहर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता और त्योहारों के दौरान ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कहा कि वायु और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए पहले दिए गए आदेशों को लागू करने में सरकारी तंत्र ने शुरुआत में धीमी गति से काम किया। हालांकि, दिवाली से पहले अब प्रभावी कदम उठाए जाते दिखाई दे रहे हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि उसे त्योहार मनाने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन उत्सव पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए मनाए जाने चाहिए। पीठ ने कहा कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि प्रदूषण कम करने के प्रयासों में आम नागरिक भी भागीदारी निभा सकें।
पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने अधिकारियों से जागरूकता अभियान के लिए मशहूर हस्तियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद लेने पर विचार करने को कहा था। सोमवार को अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने अदालत को बताया कि मशहूर हस्तियों को अभियान में शामिल करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लिए उन्हें बड़ी रकम देनी पड़ सकती है और खर्च सरकारी राजस्व से करना होगा।
इस पर पीठ ने निराशा जताई। अदालत ने कहा कि उसे उम्मीद थी कि मशहूर हस्तियां समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझते हुए स्वेच्छा से आगे आएंगी। पीठ का मानना है कि लोकप्रिय हस्तियां पर्यावरण संरक्षण का संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकती हैं।
मुंबई शहर में प्रदूषण और त्योहारों के दौरान ध्वनि स्तर को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को निर्धारित की गई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि संबंधित अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाते हैं और जागरूकता अभियान में सामाजिक हस्तियों की भागीदारी कैसे सुनिश्चित की जाती है।