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भंडारा के खमाटा-टाकली क्षेत्र में वैनगंगा और सूर नदी के किनारे स्थित खेतों के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर किसानों ने सवाल उठाए हैं।
किसान संघर्ष समिति का आरोप है कि 28 सितंबर 2026 को किए गए सर्वे के दौरान कुछ किसानों के नाम बिना नोटिस दिए सूची में शामिल किए गए।
समिति ने मांग की है कि सभी प्रभावित किसानों को पहले नोटिस दिया जाए और मौके पर पंचनामा करने के बाद ही भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाए।
Bhandara Land Acquisition Dispute: भंडारा शहर से करीब सात किलोमीटर दूर खमाटा/टाकली में वैनगंगा और सूर नदी के किनारे स्थित खेतों के भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
अन्यायग्रस्त किसान संघर्ष समिति, जिला भंडारा ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि संबंधित किसानों को पहले नोटिस दिया जाए और मौके पर पंचनामा करने के बाद ही भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाए। इस मांग को लेकर समिति ने निवासी जिलाधिकारी मनोहर चव्हाण को ज्ञापन सौंपा है।
समिति के अनुसार, 28 सितंबर 2026 को भंडारा के भूमि अधिग्रहण अधिकारी न और गोसीखुर्द परियोजना अधिकारी की ओर से खमाटा/टाकली क्षेत्र की खेत न जमीनों का सर्वे किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचे बिना और संबंधित किसानों को नोटिस दिए बिना ही सूची में कुछ लोगों के नाम शामिल कर लिए। गोसीखुर्द बांध के डूब क्षेत्र के नाम पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जा रही है, जबकि संबंधित खेतों में बांध का पानी नहीं पहुंचा है।
इस मामले में समिति ने 13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के नाम से जिलाधिकारी को आवेदन दिया था। इसके जवाब में गोसीखुर्द पुनर्वसन विभागीय पथक, नागपुर के कार्यकारी अभियंता जी. भा. तुरखेडे ने 21 अक्टूबर को पत्र जारी कर बताया कि खमाटा गांव में भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्रवाई संबंधित भूमि अधिग्रहण अधिकारी के माध्यम से जारी है। अभी धारा 11 की कार्रवाई होना बाकी है।
संबंधित भूमि मालिकों को नोटिस मिलने के बाद अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, समिति ने इस जवाब पर असंतोष जताया है। पुराने टाकली में भी इसी तरह की प्रक्रिया में कुछ ऐसी जमीनों का अधिग्रहण किया गया, जो कथित तौर पर डूब क्षेत्र में नहीं आती थीं। आपत्तियां दर्ज कराने के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई। समिति ने इस पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर भिवगडे, विष्णुदास लोनारे और व्यंकटराव गायधने ने ज्ञापन में कहा कि पहले सभी प्रभावित किसानों को नोटिस दिया जाए, मौके पर पंचनामा किया जाए और उसके बाद ही धारा 11 की कार्रवाई हो। इससे संभावित अनियमितताओं पर रोक लगेगी और वास्तविक प्रभावित किसानों के साथ अन्याय नहीं होगा।
समिति ने 2 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक भंडारा के कोथुर्णा रोड पर चक्काजाम आंदोलन करने की घोषणा की है। समिति ने प्रशासन से मांग की है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और किसानों के हितों की रक्षा की जाए।