गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द की 3 सह-मालिकों की जमानत, 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश

Bombay High Court Goa Bench: गोवा के अर्पोरा नाइट क्लब अग्निकांड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीन सह-मालिकों की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने तीनों को दो हफ्ते में आत्मसमर्पण करने को कहा है।
Goa nightclub fire: Bombay High Court cancels bail of 3 co-owners, orders surrender within 2 weeks
बॉम्बे हाईकोर्ट सोर्स- सोशल मीडिया
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Goa Nightclub Fire Case: गोवा के अर्पोरा स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब अग्निकांड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नाइट क्लब के तीन सह-मालिकों सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता की जमानत रद्द कर दी है। कोर्ट ने तीनों को दो सप्ताह के भीतर निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।

दोबारा जमानत मांगने की अनुमति

हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों को नए सिरे से जमानत के लिए आवेदन करने की अनुमति भी दी है। राज्य सरकार और अभियोजन पक्ष ने निचली अदालत की ओर से आरोपियों को दी गई जमानत को चुनौती दी थी। मामले की गंभीरता और अग्निकांड में हुई बड़ी संख्या में मौतों को देखते हुए इस याचिका पर सुनवाई हुई।

आग में 25 लोगों की हुई थी मौत

यह भीषण अग्निकांड 6 दिसंबर 2025 को हुआ था। हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद क्लब की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े नियमों को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि क्लब के संचालन के लिए जरूरी मंजूरियां हासिल करने में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा सुरक्षा नियमों की अनदेखी किए जाने का भी आरोप है। सरकार और अभियोजन पक्ष ने इन्हीं गंभीर आरोपों को जमानत के खिलाफ अपनी दलीलों का आधार बनाया।

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कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, लापरवाही, धोखाधड़ी, जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब तीनों सह-मालिकों को निर्धारित अवधि के भीतर निचली अदालत के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। इसके बाद वे नए सिरे से जमानत के लिए अदालत का रुख कर सकते हैं।

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