

BMC New Waste Management Rules News Update: शहर में बढ़ते कचरे के वैज्ञानिक निपटान और स्वच्छता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बीएमसी ने कचरा प्रबंधन के नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
नए प्रावधानों के तहत अब आवासीय सोसायटियों, संस्थानों तथा अधिक मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों को कचरे का चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित सोसायटी या संस्था के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार शहर में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए जा रहे इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के स्त्रोत पर ही उसका वर्गीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सके।
नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक घर, हाउसिंग सोसायटी और संस्थान को कचरे को चार हिस्सों में अलग-अलग रखना होगा। पहली श्रेणी गीले कचरे की होगी, जिसमें रसोईघर और खाद्य पदार्थों से निकलने वाला जैविक अपशिष्ट शामिल रहेगा।
हमारा उद्देश्य मुंबई में कचरा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सक्षम और प्रभावी बनाना है। सभी हाउसिंग सोसायटियों और बड़े प्रतिष्ठानों से अनुरोध है कि वे कचरे के पृथक्करण और निपटान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, हमारा लक्ष्य दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर स्वच्छ मुंबई के अभियान को सफल बनाना है। - अश्विनी जोशी (अतिरिक्त मनपा आयुक्त)