मुंबई में मलबे की अवैध डंपिंग पर BMC सख्त: ट्रकों में VTMS अनिवार्य, नियम तोड़ने पर 25,000 रुपये जुर्माना
Mumbai Waste Management: मुंबई में निर्माण मलबे की अवैध डंपिंग रोकने के लिए बीएमसी वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग करेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रकों पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।
- Written By: रूपम सिंह
अवैध डंपिंग प्रतीकात्मक तस्वीर- (सोर्स-सोशल मीडिया)
BMC Illegal Debris Dumping: मुंबई में निर्माण और ध्वस्तीकरण (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) से निकलने वाले मलबे के अवैध निस्तारण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से बीएमसी ने डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को बीएमसी की स्टैंडिंग कमेटी ने इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शहर में निर्माण स्थलों से निकलने वाले प्रत्येक मलबा परिवहन वाहन की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि मलबा किस निर्माण स्थल से निकला, किस वाहन के माध्यम से उसका परिवहन किया गया और अंततः उसे किस स्थान पर पहुंचाया गया।
सरकारी और निजी परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य बीएमसी के अनुसार इस पहल का उद्देश्य निर्माण मलबे की अवैध डंपिंग पर रोक लगाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा पूरे निस्तारण तंत्र को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसके लिए दिल्ली की तर्ज पर एक इंटीग्रेटेड सी एंड डी वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल और डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा।
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इस पोर्टल पर शहर की सभी सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य होगा। नई व्यवस्था के तहत किसी भी निर्माण परियोजना की शुरुआत से पहले बिल्डर, डेवलपर, ठेकेदार और संबंधित सरकारी एजेंसियों को पोर्टल पर यह जानकारी दर्ज करनी होगी कि परियोजना से अनुमानित कितना निर्माण मलबा निकलेगा और उसका निस्तारण किस अधिकृत केंद्र पर किया जाएगा।
निस्तारण की प्रक्रिया पर आसान निगरानी
इससे बीएमसी को शुरू से लेकर अंतिम निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखने में आसानी होगी। बीएमसी ने मलबा ढोने वाले सभी ट्रकों और डंपरों में व्हीकल ट्रैकिंग मैनेजमेंट सिस्टम (वीटीएमएस) लगाना अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।
इस तकनीक के माध्यम से अधिकारी वाहनों की रियल टाइम लोकेशन पर लगातार नजर रख सकेंगे। यदि किसी वाहन से तय मार्ग से हटकर किसी सार्वजनिक स्थान, सड़क किनारे या अन्य स्थान पर मलबा फेंकने का प्रयास किया जाएगा, तो उसकी तत्काल पहचान हो जाएगी और संबंधित वाहन तथा निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नियम नहीं माने, तो होगी कड़ी कार्रवाई
मुंबई बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण और ध्वस्तीकरण से निकलने वाला मलबा केवल अधिकृत रीसाइक्लिंग प्लांटों में ही भेजा जाएगा। फिलहाल दहिसर और दिघर स्थित संयंत्रों को इसके लिए अधिकृत किया गया है। वहीं खुदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी भी केवल निधर्धारित स्थलों पर ही डाली जा सकेगी। बीएमसी की सीमा के बाहर निर्माण मलबा ले जाकर फेंकने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।
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सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली अवैध डंपिंग पर अंकुश
- प्रत्येक वाहन पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसके अलावा निर्माण कार्य रोकने का नोटिस जारी करने के साथ अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
- बीएमसी का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली अवैध डंपिग पर प्रभावी अंकुश लगेगा, धूल प्रदूषण में कमी आएगी और निर्माण मलबे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा। स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने कहा कि यह प्रस्ताव मुंबई के पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए समिति ने इसे मंजूरी दी है।
- उन्होंने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई कि निर्माण मलबे का अंतिम निस्तारण किन स्थानों पर किया जाएगा, इसकी जानकारी समय-समय पर समिति के सभी सदस्यों को उपलब्ध कराई जाए, बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त अविनाश ढाकने ने कहा कि निर्माण मलबे के कारण सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर धूल की मात्रा बढ़ती है। इसे नियंत्रित करने के लिए निर्माण मलबे की निगरानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां नियमित रूप से स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों के साथ साझा की जाएगी।
