

BMC EV Charging Stations Green Energy Plan Mumbai : बीएमसी अब अपने प्रशासनिक ढांचे में पर्यावरण अनुकूल बदलाव लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मनपा प्रशासन ने शहर के सभी वॉर्ड कार्यालयों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इसके साथ ही आने वाले समय में बीएमसी अधिकारियों के लिए उपयोग होने वाले पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। स्थायी समिति में हाल ही में उठे विरोध और सुझावों के बाद प्रशासन इस दिशा में सक्रिय हुआ है।
बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मनपा का उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और ईंधन पर बढ़ती निर्भरता को कम करना है। प्रशासन का मानना है कि देशभर में बढ़ रहे प्रदूषण और ऊर्जा संकट को देखते हुए स्थानीय निकायों को भी हरित ऊर्जा आधारित नीतियों को अपनाना आवश्यक है।
इसी सोच के तहत अब बीएमसी अपने प्रशासनिक वाहनों और सुविधाओं को ग्रीन एनर्जी मॉडल की ओर ले जाने की योजना पर काम कर रही है। दरअसल, बीएमसी प्रशासन ने हाल ही में 22 वॉर्ड अधिकारियों के लिए पांच वर्षों की अवधि पर वेट लीज मॉडल के तहत महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन किराये पर लेने का प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष रखा था। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने सवाल उठाए और कहा कि जब सरकार और केंद्र दोनों इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। तब बीएमसी को भी पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय ईवी विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सभागृह नेता गणेश खणकर ने चर्चा के दौरान कहा कि बीएमसी को पर्यावरण संरक्षण के मामले में मिसाल कायम करनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन इलेक्ट्रिक वाहनों के विकल्प के साथ नया प्रस्ताव तैयार करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वॉर्ड अधिकारियों के लिए वाहन जरूरी है, क्योंकि वही पूरे वॉर्ड के प्रशासनिक कामकाज की निगरानी करते हैं, लेकिन ऊर्जा संरक्षण के दृष्टिकोण से ईवी मॉडल पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, इसके बाद प्रशासन ने सभी वॉर्ड कार्यालयों में ईवी चार्जिजंग स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में अंधेरी और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) स्थित कार्यालयों में संभावित स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। बाद में इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे मुंबई के वॉर्ड कार्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा, बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में प्रशासनिक उपयोग के अधिकतर वाहन इलेवट्रिक मॉडल पर आधारित होंगे। इससे न केवल ईंधन खर्च कम होगा बल्कि शहर में प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।