

Sandeep Deshpande Innova Car Gift: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, BMC इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली से ज्यादा अपने पदाधिकारियों की 'शाही डिमांड' को लेकर चर्चा में है। महज छह महीने पहले खरीदी गई करोड़ों की लग्जरी गाड़ियों से मन भर जाने और अब नई महंगी 'इनोवा' की मांग करने वाले नेताओं को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने बेहद अनोखे और मजाकिया अंदाज में आईना दिखाया है।
मनसे के कद्दावर नेता संदीप देशपांडे ने बीएमसी पदाधिकारियों के इस 'गाड़ी प्रेम' पर तंज कसते हुए एक खिलौने की दुकान का रुख किया। उन्होंने वहां से बीएमसी के उपमहापौर और विभिन्न वैधानिक समितियों के अध्यक्षों के लिए खिलौने वाली इनोवा कारें खरीदीं। देशपांडे ने इस पूरी घटना का वीडियो साझा करते हुए कहा कि चूंकि हमारे नेताओं को नई गाड़ियां चाहिए, इसलिए मनसे की ओर से हम उन्हें ये इनोवा भेंट कर रहे हैं।
दुकानदार से बात करते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में पूछा कि उनके पास कितनी कारें उपलब्ध हैं। फिलहाल 3 कारें उपलब्ध होने पर उन्होंने वे खरीद लीं और बाकी 3 कारें शुक्रवार तक भेजने का वादा किया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त को संबोधित करते हुए कहा, इनोवा गाड़ियां आ गई हैं, अब कोई भी नेता हठ न करे। ये लो अपनी कारें और अब शांति से मनपा जाकर जनता का काम करो।
इस पूरे ड्रामे के पीछे बीएमसी की भारी-भरकम फिजूलखर्ची की कहानी छिपी है। दरअसल, महज छह महीने पहले जनवरी-फरवरी 2026 में बीएमसी ने 2 करोड़ 16 लाख रुपये खर्च कर 13 नई स्कॉर्पियो एन गाड़ियां खरीदी थीं। इनमें से एक गाड़ी मेयर के लिए इनोवा हाइक्रॉस हाइब्रिड थी और बाकी 12 पदाधिकारियों के लिए स्कॉर्पियो एन थीं।
हैरानी की बात यह है कि मात्र 6 महीने बाद ही सदन के नेता गणेश खंकर समेत अन्य पदाधिकारियों ने शिकायत कर दी कि ये स्कॉर्पियो गाड़ियां आरामदायक नहीं हैं और इससे सफर में दिक्कत होती है। अब उनकी जिद है कि इन गाड़ियों को बदलकर उनके लिए महंगी इनोवा क्रिस्टा खरीदी जाए।
बीएमसी की इस मांग पर पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे जनता के पैसे की खुली लूट करार देते हुए सवाल किया कि क्या स्कॉर्पियो जैसी आधुनिक कार से कमर दर्द होने का बहाना बनाना जायज है? उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता की समस्याओं और पार्षदों के हितों को ताक पर रखकर केवल पदाधिकारियों की विलासिता पर ध्यान दिया जा रहा है।
मनसे के इस कटाक्ष ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं। लोगों का कहना है कि जहां मुंबई की सड़कें गड्ढों से भरी हैं और बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट की कमी का रोना रोया जाता है, वहां नेताओं का नई-नई कारों के लिए यह हठ वाकई शर्मनाक है। संदीप देशपांडे की इस खिलौना भेंट ने संदेश साफ कर दिया है कि जनता अब नेताओं की इस फिजूलखर्ची को चुपचाप नहीं देखेगी।