BMC बजट पर लग सकता है ब्रेक! प्रशासन ने राज्य सरकार से मांगी समय-सीमा बढ़ाने की मंजूरी
BMC Budget 2026: बीएमसी ने नागरिक बजट पेश करने की समय-सीमा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। महापौर और स्थायी समिति के गठन में देरी के कारण बजट 4 मार्च 2026 तक टालने का अनुरोध किया गया है।
- Written By: आकाश मसने
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Budget Deadline News: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका यानी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने वार्षिक नागरिक बजट पेश करने की निर्धारित समय-सीमा बढ़ाने की मांग करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा है। बीएमसी आयुक्त व प्रशासक भूषण गगरानी ने बताया कि बीएमसी ने बजट घोषणा के लिए 4 मार्च 2026 तक का समय बढ़ाने का अनुरोध किया है।
बीएमसी आयुक्त गगरानी ने नवभारत से बातचीत में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बजट तय समय पर प्रस्तुत करना संभव नहीं है, इसलिए राज्य सरकार से विशेष अनुमति मांगी गई है। बता दें कि राज्य सरकार के नियमों और मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एमएमसी) अधिनियम के अनुसार हर वर्ष 4 फरवरी तक चुनावी प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है।
क्या है बजट के नियम?
परंपरागत रूप से बीएमसी का बजट बीएमसी आयुक्त द्वारा पेश किया जाता है, जिसे बाद में स्थायी समिति के अध्यक्ष और महापौर को सौंपा जाता है। हाल ही में संपन्न हुए महानगरपालिका चुनावों के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों की सूची तो तय हो चुकी है। लेकिन महापौर का चयन अभी लंबित है।
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महापौर के चयन बिना बजट प्रस्तुत करना व्यावहारिक नहीं
महापौर का पद राज्य के शहरी विकास विभाग (यूडीडी) द्वारा कराई जाने वाली आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से तय किया जाता है। आरक्षण तय होने के बाद राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों को नामित करते हैं और फिर बीएमसी सभागृह में मतदान प्रक्रिया के जरिए महापौर का अंतिम चयन किया जाता है। महापौर के चयन के बाद ही बीएमसी की विभिन्न वैधानिक समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति की जाती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण स्थायी समिति है, जो महानगरपालिका के समस्त वित्तीय मामलों की जिम्मेदारी संभालती है।
बजट महापौर और स्थायी समिति अध्यक्ष को सौंपा जाता है। जब तक इन समितियों का गठन और अध्यक्षों का चयन नहीं हो जाता, तब तक बजट प्रस्तुत करना व्यावहारिक नहीं है। ऐसे में प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने तक चजट की समय-सीमा बढ़ाना आवश्यक बताया जा रहा है। अब राज्य सरकार के निर्णय पर यह निर्भर करेगा कि बीएमसी को मांगी गई राहत मिलती है या नहीं।
