कोस्टल रोड (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Budget 2026: बीएमसी के वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धन राशि का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद वास्तविक खर्च अपेक्षा से काफी कम रहा है। कुल 43,162 करोड़ रुपये के बजट में से जनवरी 2026 के अंत तक केवल 51.96 प्रतिशत, यानी लगभग 22,425 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। इससे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के समय पर पूरे न होने की स्थिति सामने आई है।
सड़क और परिवहन विभाग के लिए 5,100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिनमें से लगभग 73 प्रतिशत राशि खर्च की गई। हालांकि, कोस्टल रोड परियोजना, पुल निर्माण और प्रमुख संपर्क मागों के कार्यों में खर्च की गति धीमी रही। गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए करीब 1,958 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन अब तक केवल 40 प्रतिशत के आसपास ही खर्च हुआ है।
विकास योजना विभाग की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक रही, जहां कुल आवंटन का चार प्रतिशत से भी कम उपयोग किया गया। ठोस कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण नियंत्रण जैसे अहम क्षेत्रों में भी बजट का अपेक्षित उपयोग नहीं हो सका। पर्यावरण के लिए पहली बार अलग से बजट निर्धारित किया गया था, लेकिन उसका क्रियान्वयन सीमित रहा। यह पूरा कार्यकाल प्रशासकीय शासन के अंतर्गत रहा, जिसमें बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी के नेतृत्व में प्रशासन संचालित हुआ।
चुनावी प्रक्रियाओं, कर्मचारियों की कमी और ठेकेदारों से जुड़ी अड़चनों को परियोजनाओं में देरी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। कुल मिलाकर, धन की उपलब्धता के बावजूद योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी मुंबईकरों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
बीते शुक्रवार को बीएमसी के संवैधानिक समितियों में से स्थायी समिति व शिक्षा समिति का चुनाव आयोजित किया गया था, जिसमें बीजेपी के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए हैं। आज यानी सोमवार को बचे हुए दो समितियों के चुनाव कराए जाएंगे और इसमें भी अध्यक्ष निर्विरोध चुने जाएंगे, क्योंकि विपक्ष की तरफ से नामांकन दाखिल नहीं किया गया है।
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सुधार समिति व बेस्ट समिति के अध्यक्ष शिंदे सेना की तरफ से चुने जाएगे। सुधार समिति के अध्यक्ष पद के लिए संध्या दोशी (सक्रे) ने अपने नामांकन मनपा सचिव मंजिरी देशपांडे के समक्ष प्रस्तुत किए थे। वहीं, बेस्ट समिति के अध्यक्ष पद के लिए तृष्णा विश्वासराव ने अपना नामाकन बेस्ट के सह-सचिव सुशील पवार के पास दाखिल किया था।